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शनिवार, 30 नवंबर 2024

नकारात्मक ऊर्जा (निगेटिव एनर्जी) एक प्रकार की ऊर्जा है

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नकारात्मक ऊर्जा (निगेटिव एनर्जी) एक प्रकार की ऊर्जा है जो हमारे आसपास के वातावरण में नकारात्मक प्रभाव डालती है। यह ऊर्जा हमारे विचारों, भावनाओं और क्रियाओं से उत्पन्न होती है और हमारे जीवन को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकती है।

नकारात्मक ऊर्जा के कुछ उदाहरण हैं:

1. नकारात्मक विचार और भावनाएं, जैसे कि डर, चिंता, क्रोध और ईर्ष्या।
2. नकारात्मक शब्द और व्यवहार, जैसे कि अपमान, आलोचना और हिंसा।
3. नकारात्मक ऊर्जा वाले स्थान, जैसे कि जिन स्थानों पर हिंसा या दुख की घटनाएं हुई हों।

अब, भूत प्रेत के बारे में बात करते हैं। भूत प्रेत को अक्सर नकारात्मक ऊर्जा के रूप में देखा जाता है, लेकिन यह वास्तव में क्या है, इसके बारे में विभिन्न मतभेद हैं।

कुछ लोगों का मानना है कि भूत प्रेत वास्तव में मृत आत्माएं हैं जो अपने जीवनकाल में किए गए कार्यों के कारण पृथ्वी पर फंस गई हैं। इन आत्माओं को अक्सर नकारात्मक ऊर्जा के रूप में देखा जाता है, क्योंकि वे अक्सर अपने जीवनकाल में किए गए कार्यों के कारण दुख और पीड़ा का अनुभव करती हैं।

दूसरी ओर, कुछ लोगों का मानना है कि भूत प्रेत वास्तव में नकारात्मक ऊर्जा के रूप में ही मौजूद हैं, और वे किसी विशिष्ट आत्मा या व्यक्ति से जुड़े नहीं हैं।

यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि भूत प्रेत के बारे में विभिन्न संस्कृतियों और धर्मों में विभिन्न विश्वास और मतभेद हैं।
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गंध के प्रयोग से नकारात्मक ऊर्जा को हटाने में मदद मिल सकती है। गंध का प्रयोग प्राचीन काल से ही नकारात्मक ऊर्जा को हटाने और सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करने के लिए किया जाता रहा है।

गंध के प्रयोग से नकारात्मक ऊर्जा को हटाने के कुछ तरीके हैं:

1. *सुगंधित धूप*: सुगंधित धूप का प्रयोग नकारात्मक ऊर्जा को हटाने और सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करने के लिए किया जा सकता है।
2. *अरोमा थेरेपी*: अरोमा थेरेपी में विभिन्न प्रकार के तेलों का प्रयोग किया जाता है, जो नकारात्मक ऊर्जा को हटाने और सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करने में मदद करते हैं।
3. *सुगंधित पौधे*: सुगंधित पौधों का प्रयोग नकारात्मक ऊर्जा को हटाने और सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करने के लिए किया जा सकता है।
4. *धूप और अगरबत्ती*: धूप और अगरबत्ती का प्रयोग नकारात्मक ऊर्जा को हटाने और सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करने के लिए किया जा सकता है।

कुछ विशेष गंध जो नकारात्मक ऊर्जा को हटाने में मदद कर सकती हैं:

- लैवेंडर
- टी ट्री ऑयल
- पेपरमिंट
- रोज़मेरी
- सैंडलवुड

यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि गंध का प्रयोग नकारात्मक ऊर्जा को हटाने के लिए एक पूरक उपाय है, और इसका प्रयोग अन्य उपायों के साथ किया जाना चाहिए।
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 रंग भी सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जा को प्रभावित कर सकते हैं। रंगों का प्रयोग प्राचीन काल से ही ऊर्जा को संतुलित करने और नकारात्मक ऊर्जा को हटाने के लिए किया जाता रहा है।

विभिन्न रंगों के प्रभाव:

सकारात्मक रंग:

1. _लाल_: ऊर्जा, शक्ति और साहस को बढ़ावा देता है।
2. _नारंगी_: उत्साह, खुशी और सृजनात्मकता को बढ़ावा देता है।
3. _पीला_: आशा, खुशी और सकारात्मकता को बढ़ावा देता है।
4. _हरा_: शांति, संतुलन और प्राकृतिक सौंदर्य को बढ़ावा देता है।
5. _नीला_: शांति, विश्वास और बुद्धिमत्ता को बढ़ावा देता है।

नकारात्मक रंग:

1. _काला_: नकारात्मकता, दुख और अवसाद को बढ़ावा देता है।
2. _भूरा_: उदासीनता, निराशा और असफलता को बढ़ावा देता है।
3. _स्लेटी_: नकारात्मकता, दुख और अवसाद को बढ़ावा देता है।

रंगों का प्रयोग ऊर्जा को संतुलित करने और नकारात्मक ऊर्जा को हटाने के लिए किया जा सकता है:

1. _रंग चिकित्सा_: रंगों का प्रयोग ऊर्जा को संतुलित करने और नकारात्मक ऊर्जा को हटाने के लिए किया जा सकता है।
2. _रंग मेडिटेशन_: रंगों का प्रयोग मेडिटेशन में किया जा सकता है ताकि ऊर्जा को संतुलित किया जा सके और नकारात्मक ऊर्जा को हटाया जा सके।
3. _रंग थेरेपी_: रंगों का प्रयोग थेरेपी में किया जा सकता है ताकि ऊर्जा को संतुलित किया जा सके और नकारात्मक ऊर्जा को हटाया जा सके।

@everyone @highlight साभार फेसबुक 

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शुक्रवार, 29 नवंबर 2024

तंत्र एक विज्ञान है

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 तंत्र एक विज्ञान है । विज्ञान न राजसिक होता है न तामसिक , न सात्विक , ये मनुष्य की भेद बुद्धि है नतीजा है । रज , तम , सत ये गुण और तत्व है । इसका अर्थ ये हुआ की न अच्छा न बुरे की पारधी मे इनको नहीं रखा जा सकता है ।


विज्ञान को समझो उधरहण से :- नदी पर बांध बनाकर विधुत शक्ति का निर्माण किया ... अलग अलग माध्यमों का प्रयोग करके आप के घर तक पहुंचाया गया आप के घर के उपकरणो के हिसाब से आप के घर तक विधुत शक्ति का प्रभावहा किया गया । ये पूरा प्रयोग विज्ञान के अंतर्गत आता है इसमे राजसिक ,तामसिक , सात्विक कहाँ है ।


अब साधना के परिवेश मे समझो ...... माला रूपी टर्बाइन पर आपने मंत्र रूप पानी का प्रवाहा किया जिसे ऊर्जा उत्तपन हुई संकलप शक्ति द्वारा आप ने उसको दिशा प्रदान कर उस शक्ति का प्रयोग किया । अब ये प्रयोग आप अपने को दीप्तमान करने के लिए भी कर सकते है या भौतिक कामनाओ को पूर्ण करने के लिए .... तंत्र यही है ॥ सही तरीके से सही माध्यम से किया गया कार्य क्रिया होती है उस क्रिया के पीछे लगा सिद्धांत तंत्र होता है । बाकी आप अपने अहं को पुष्ट करने के लिए रज , सत , तम का खेल खेल सकते है  ॐ नमः शिवाय साभार फेस बुक


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