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अंतरिक्ष में अकेलेपन का साथी बनेगा बोलने वाला रोबोट लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
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रविवार, 4 अगस्त 2013

अंतरिक्ष में अकेलेपन का साथी बनेगा बोलने वाला रोबोट

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जापान ने दुनिया का पहला बोलने वाला रॉकेट अंतरिक्ष में भेजा है. इस रॉकेट को अंतरिक्षयात्री कोचि वकाटा के साथी के रूप में अंतरिक्ष में भेजा गया है. वकाटा का अंतरिक्ष अभियान नवंबर से शुरू होगा.
किरोबो नाम के इस रोबोट को अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (आईएसएस) में काम कर रहे अंतरिक्ष यात्रियों के लिए सामान लेकर जा रहे एक अनाम रॉकेट से अंतरिक्ष भेजा गया.

13 इंच के किरोबो ने जापान के तानेगाशिमा द्वीप से उड़ान भरी. वह 9 अगस्त को आईएसएस पहुंच जाएगा.
किरोबो एक शोध का हिस्सा है जिसके तहत यह देखा जाना है कि लंबे समय तक अकेले रहने वाले लोगों को मशीनें किस तरह से भावनात्मक सहारा दे सकती हैं.
एच-2बी रॉकेट के लॉंच का जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेन्सी (जाक्सा) द्वारा सीधा प्रसारण किया गया.
यह अनाम रॉकेट आईएसएस पर काम कर रहे छह स्थाई कर्मचारियों के लिए पीने का पानी, खाना, कपड़े और काम के उपकरण लेकर गया है.
किरोबो नाम “क्लिक करेंउम्मीद” और “रोबोट” के लिए जापानी शब्दों से बनाया गया है.

बड़ी छलांग

इस छोटे से क्लिक करेंमानवरूपी रोबोट का वज़न करीब एक किलो है और यह कई तरह की शारीरिक हरकतें कर सकता है. इसके डिज़ाइन की प्रेरणा मशहूर एनिमेटेड कैरेक्टर एस्ट्रो बॉय से ली गई है.
किरोबो को जापानी में बात करने के लिए तैयार किया गया है. वह वटाका के साथ होने वाली अपनी बातचीत का रिकॉर्ड भी रखेगा.
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किरोबो मशीन और आदमी के बीच मध्यस्थ के रूप में काम करेगा और कंट्रोल रूम से मिलने वाले संदेश अंतरिक्षयात्री को देगा
वटाका इस साल आईएसएस के कमांडर का पदभार संभालेंगे.
इसके अलावा किरोबो कंट्रोल रूम से मिलने वाले संदेश भी अंतरिक्षयात्री को देगा.
इस रोबोट को बनाने वाले टोमोटाका टाकाहाशी के अनुसार, “किरोबो वटाका के चेहरे को याद रखेगा ताकि जब वह अंतरिक्ष में मिलें तो वह उन्हें पहचान सके.”
वह कहते हैं, “मैं उम्मीद करता हूं कि यह रोबोट एकक्लिक करेंआदमी और मशीन के बीच मध्यस्थ का काम करेगा. या फिर एक आदमी और इंटरनेट के बीच और कभी-कभी आदमियों के बीच भी.”
टाकाहाशी कहते हैं कि सबसे मुश्किल काम रोबोट को अंतरिक्ष में काम करने योग्य बनाना था.
नौ महीने से ज़्यादा समय तक किरोबो की विश्वसनीयता को परखने के लिए उस पर दर्जनों परीक्षण किए गए.
किरोबो का एक जुड़वा रोबोट मिराटा धरती पर है. वह अपने जोड़ीदार में अंतरिक्ष में होने वाली किसी भी इलेक्ट्रॉनिक गड़बड़ी
पर नज़र रखेगा.
पिछले महीने अभियान के दौरान मिराटा ने कहा था, “मेरे लिए यह एक छोटा कदम है लेकिन रोबोटों के लिए यह एक बड़ी छलांग है.”
यह रोबोट टाकाहाशी, कार निर्माता टोयोटा और विज्ञापन कंपनी डेन्ट्सू का एक संयुक्त क्लिक करेंउद्यम है. sabhar : www.bbc.co.uk

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