ट्विटर के पूर्व चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) जैक डॉर्सी ने गुरुवार (20 अप्रैल) को एंड्रॉयड यूजर्स के लिए ब्लूस्काई (Bluesky) ऐप लॉन्च कर दिया। इसे सोशल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म ट्विटर के अल्टरनेटिव ऑप्शन के रूप में उतारा गया है। खास बात ये है कि आज ही ट्विटर ने लोगों के अकाउंट से लीगेसी ब्लू टिक हटा दिए हैं। अब यूजर्स को ब्लू टिक के लिए ट्विटर का सब्सक्रिप्शन प्लान लेना होगा। 256 शब्दों में कर सकते हैं पोस्ट फिलहाल, ब्लूस्काई ऐप डेवलपिंग फेज में है, इस ऐप को सिर्फ एक इनवाइट कोड (OTP) के साथ एक्सेस किया जा सकता है। ऐप एक आसान यूजर इंटरफेस देता है, जहां आप 256 वर्ड्स की एक पोस्ट बनाने के लिए प्लस बटन पर क्लिक कर सकते हैं, जिसमें फोटो भी शामिल हो सकती है। इसमें कुछ फीचर्स ट्विटर जैसे दिए गए हैं। यूजर्स को नया ऑप्शन देने की कोशिश करेंगे जैक डॉर्सी की वेबसाइट ने कहा कि ब्लूस्काई ऐप सोशल नेटवर्किंग के लिए एक नई नींव साबित होगा। ये ऐप आने वाले दिनों में यूजर्स को और ज्यादा ऑप्शन और क्रिएटर्स को प्लेटफॉर्म्स से और ज्यादा फ्रीडम देगा। हम यूजर को उनके अनुभव शेयर करने का एक नया ऑप्शन देने की कोशिश करेंगे। अभी ब्लूस्काई ऐप के 20 हजार एक्टिव यूजर हैं TechCrunch के अनुसार ब्लूस्काई ऐप में लाइक, बुकमार्क की निगरानी, ट्वीट को मॉडिफाई, रिट्वीट, इनडायरेक्ट मैसेज और हैशटैग जैसी बुनियादी सुविधाएं मौजूद नहीं हैं। यह ऐप को ट्विटर का एक अधिक स्टैंडर्ड संस्करण बना देगा, जैसा कि ट्विटर के शुरुआती दौर में दिखाई देता था। ब्लूस्काई ऐप की लॉन्चिंग के बाद मांग बढ़ रही है और अभी इसके 20 हजार एक्टिव यूजर हैं। साल 2019 से चल रहा था काम जैक डॉर्सी ने साल 2019 में ही ट्विटर के साथ काम करते हुए ब्लूस्काई को एक साइड प्रोजेक्ट के रूप में तैयार करना शुरू कर दिया था। जैक के ट्विटर छोड़ने के बाद ये प्रोजेक्ट भी अलग हो गया। पिछले साल अक्टूबर में डॉर्सी ने ट्विटर पर एक पोस्ट की थी। इसमें उन्होंने कहा था कि ब्लूस्काई प्रोजेक्ट का मकसद उन कंपनियों का प्रतियोगी बनना है जो सोशल मीडिया यूजर्स के ‘डेटा का मालिक’ बनने की कोशिश कर रही हैं। 107 करोड़ की फंडिंग मिली मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जैक डॉर्सी की नई कंपनी को अब तक 107 करोड़ रुपए से ज्यादा की फंडिंग मिल चुकी है। डॉर्सी को टेक की दुनिया में ‘कैप्टन जैक स्पैरो’ के नाम से भी जाना जाता है। मतलब उनका खेल कभी खत्म नहीं होता और वो वापसी करते हैं। sabhar Bhaskar.com
Ads
-
वैज्ञानिकों को इंडोनेशियाई वर्षावन के अंदरूनी हिस्सों में एक ऐसा मेंढक मिला है जो अंडे देने के बजाय सीधे बच्चे को जन्म देता है. एशिया ...
-
वैज्ञानिकों ने अलग-अलग लोगों के चेहरों में अंतर पाए जाने के कारणों को समझने में आरंभिक सफलता प्राप्त कर ली है. चूहों पर हुए अध्ययन में ...
-
अमेरिका के लास वेगास को आलीशान होटलों और कसीनो के लिए जाना जाता है, लेकिन यहां दुनिया का सबसे बड़ा इलेक्ट्रॉनिक मेला भी लगता है. इस बार इस मे...
-
photo : vigyanpragti वैज्ञानिक स्टीफन हाकिंग्स का कहना है की ब्रह्माण्ड की संग्रचना के पीछे भौतिक के नियम है न कि कोई ईश्वरीय सरी...
-
भौतिक वैज्ञानिक तथा लेखक पाल डेवीस के अनुसार “ समय ” आइंस्टाइन की अधूरी क्रांति है। समय की प्रकृति से जुड़े अनेक अनसुलझे प्रश्न है। ...
-
लंदन: वैज्ञानिकों ने पौधे के संवहन तंत्र में सर्किट लगाकर एक इलेक्ट्रॉनिक पौधे का निर्माण किया है। इससे विज्ञान के क्षेत्र में नए युग की ...
-
मुख्य रूप से वीडियो देखने और मनोरंजन का साधन मानी जाने वाली यूट्यूब वेबसाइट का इस्तेमाल अब शिक्षा के प्रचार प्रसार में भी हो रहा है. ख...
0 टिप्पणियाँ:
एक टिप्पणी भेजें
vigyan ke naye samachar ke liye dekhe