टेलीपैथी' तकनीक पर काम रहा है फेसबुक


मल्‍टीमीडिया डेस्‍क। क्‍या हो, यदि आप अपने फेसबुक पेज की वॉल पर कुछ पोस्‍ट करने के बारे में सोचे यह वह आपके टाइप किए बगैर ही पोस्‍ट हो जाए। यह हवा-हवाई बात नहीं है, बल्कि फेसबुक के संस्‍थापक मार्क जकरबर्ग की योजना का हिस्‍सा है।
वो एक नई तकनीक पर काम कर रहे हैं। दरअसल मार्क फेसबुक को टेलीपैथी से जोड़ना चाहते हैं। वो चाहते हैं कि लोगों को अपने फेसबुक पेज पर कुछ भी पोस्‍ट करने, लाइक करने या शेयर करने के लिए कम्‍प्‍यूटर, लैपटॉप, स्‍मार्टफोन या टैबलेट की जरूरत ही न पड़े। यह सब केवल सोचने से हो जाए।
मार्क अपने फेसबुक पेज पर नियमित रूप से लोगों के सवालों के जवाब देते हैं। हाल ही में उनसे एक सवाल पूछा गया कि भविष्‍य का फेसबुक कैसा होगा। इस पर उन्‍होंने अपनी टेलीपैथी योजना के बारे में बताया।
मार्क के मुताबिक वो चाहते हैं कि लोग अपनी भावनाओं को टेलीपैथी के जरिए फेसबुक पर शेयर कर सकें। इसके लिए काफी उन्‍नत तकनीक की जरूरत पड़ेगी, जिस पर कंपनी रिसर्च कर रही है।
उन्‍होंने बताया कि इसके लिए अत्‍यधिक उन्‍नत तकनीक के साथ ही खास किस्‍म के डिवाइसेस की जरूरत भी पड़ेगी, जो इंसानी भावनाओं तथा विचारों को शब्‍दों की शक्‍ल देकर फेसबुक वॉल पर पोस्‍ट कर सके।
गौरतलब है कि हाल ही में भारत में फेसबुक यूजर्स की संख्‍या 12.5 करोड़ का आंकड़ा पार कर चुकी है। वहीं पूरी दुनिया में यह आंकड़ा अरबों में पहुंच चुका है
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बेंगलुरू में बन रहा ऐसा रोबोट, 'मां' जैसा रखेगा ख्याल




बेंगलुरू। जिस तरह मां अपने बच्चे का पूरा ख्याल रखती है, उसी तरह भारत में अनोखा रोबोट बन रहा है, जो अपने मालिक की हर जरूरत को पूरा करेगा। बेंगलुरू स्थित तकनीकी फर्म नोशन इंक ने इस 'मदर' रोबोट को ईव नाम दिया है। यह 2018 से बाजार में उपलब्ध हो जाएगा। इसमें आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस होगी, यानी यह अपने दिमाग का इस्तेमाल कर सकेगा। कंपनी के सीईओ रोशन श्रवण के अनुसार, ईव में मातृत्व का भाव है।
ऐसा होगा यह अनोखा रोबोट
  • ईव का आकार गोल और वजन करीब 100 ग्राम है।
  • यह मशीन 15 मिनट तक उड़ान भरकर 2 किमी दूरी तय करने की क्षमता रखती है।
  • आर्टिफिशियल इंजेलिजेंस की मदद से यह इनसानों की तरह रोज-रोज के कामों और संदर्भों को समझ सकता है।
  • आर्टिफिशियल इंजेलिजेंस का फायदा यह होगा कि आम इनसान भी इस मशीन से बात करके अपनी जरूरत के अनुसार एप्लिकेशन बना सकेंगे। उन्हें लंबे प्रोग्राम लिखने की जरूरत नहीं होगी।
  • कंप्युटर के साथ बात करने की कोडिंग की समस्याएं यहां हल कर ली गई हैं।
  • डिवाइस में इसके मालिक के जीवन से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी होगी, लेकिन इसे कहीं साझा नहीं किया जाएगा, क्योंकि यह मशीन किसी सर्वर से नहीं जुड़ी होगी।
  • ईव से जुड़े दो अहम पहलुओं - मुवमेंट और विजन पर माइक्रोसॉफ्ट काम कर रहा है।
  • इसमें मल्टीपल रोटेटिंग कैमरे होंगे। इनकी मदद से 360 डिग्री विजन प्राप्त हो सकेगा।
  • कोई आपको विजिटिंग कार्ड देता है तो यह उसका विवरण अपनी मेमोरी में फीड कर लेगा और जरूरत पड़ने पर तुरंत बता देगा।
  • आप कार चला रहे हैं तो यह डैशबोर्ड पर बैठकर हर हलचल को रिकॉर्ड करेगा।
अभी कांच को नहीं समझ पाती है ईव
श्रवण ने बताया कि अभी कुछ तकनीकी खामियों पर काम किया जा रहा है। मसलन- यह रोबोट अभी यह नहीं समझ पा रहा है कि कांच के आरपास नहीं जाया जा सकता है। कोशिश की जा रही है कि यह रोबोट अपने-आप खुद को चार्ज भी कर ले।
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तकनीकी का जादू








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