सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

संदेश

मस्तिष्क लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

मस्तिष्क प्रत्यारोपण के विकास

बेहद गोपनीय अमेरिकी सैन्य शोधकर्ताओं का कहना है कि अगले कुछ महीनों में वे मस्तिष्क प्रत्यारोपण के विकास से जुड़ी नई प्रगति के बारे में जानकारी पेश करने वाले हैं. मस्तिष्क प्रत्यारोपण की मदद से याददाश्त बहाल की जा सकेगीअमेरिका की डिफेंस एडवांस्ड रिसर्च प्रोजेक्ट्स एजेंसी (डीएआरपीए) प्रबुद्ध स्मृति उत्तेजक को बनाने की योजना के कार्यक्रम का नेतृत्व कर रही है. यह इंसानी दिमाग को बेहतर तरीके से समझने के लिए बनाई गई योजना का हिस्सा है. इस योजना में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने दस करोड़ अमेरिकी डॉलर की सहायता दी थी.विज्ञान ने पहले ऐसा काम नहीं किया है. और इस पर नैतिक सवाल भी उठ रहे हैं कि जख्मी सैनिक की याददाश्त को बहाल करने और बूढ़े होते मस्तिष्क के प्रबंधन के नाम पर क्या इंसानी दिमाग के साथ छेड़छाड़ जायज है.कुछ लोगों का कहना है कि जिन लोगों को इससे लाभ पहुंचेगा उनमें पचास लाख अमेरिकी हैं जो अल्जाइमर बीमारी से पीड़ित हैं और करीब तीन लाख अमेरिकी फौजी हैं जिनमें महिलाएं और पुरुष शामिल हैं. ये वो सैनिक हैं जो इराक और अफगानिस्तान में युद्ध के दौरान घायल हुए और उनके मस्तिष्क में चोटें आई.

प्रयोगशाला में कृत्रिम मस्तिष्क कोशिका का निर्माण

यूनिवर्सिटी आफ साउदर्न केलिफोर्निया विटरबी स्कूल आफ इंजीनियरिंग के प्रोफेसर एलिस पार्कर ने कृत्रिम मस्तिष्क कोशिकाओं का निर्माण प्रयोगशाला में किया है मस्तिष्क कोशिका एक प्रकार का तंत्रिकाओं के बीच का जोड़ है जो जिससे होकर विभिन्न रंग या रासायनिक संदेश एक तरीका से दूसरे तक गुजरते हैं कृत्रिम मस्तिष्क कोशिकाओं का निर्माण करने के लिए प्रोफेसर एलिस पार्क कर और चूने तंत्रिकाओं को जोड़ने वाली डिजाइन नैनो टेक्नोलॉजी के साथ जोड़ के बनाया है