एपिजेनेटिक रीप्रोग्रामिंग: वैज्ञानिकों ने उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को उलटने का रास्ता खोजा
एपिजेनेटिक रीप्रोग्रामिंग: वैज्ञानिकों ने उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को उलटने का रास्ता खोजा | मानव हमेशा से लंबी और स्वस्थ जिंदगी का सपना देखता आया है। लेकिन अब यह सपना पहले से कहीं ज्यादा सच होता दिख रहा है। एपिजेनेटिक रीप्रोग्रामिंग (Epigenetic Reprogramming) नामक तकनीक ने वैज्ञानिकों को कोशिकाओं में उम्र बढ़ने (Aging) की प्रक्रिया उलटने में मदद की है। चूहों पर किए गए प्रयोगों में यह तकनीक इतनी प्रभावी साबित हुई कि दृष्टि और मस्तिष्क का कार्य तक वापस लौट आया। यही कारण है कि आज यह तकनीक मानव दीर्घायु (Human Longevity) की दुनिया में सबसे बड़ा वैज्ञानिक बदलाव मानी जा रही है। एपिजेनेटिक रीप्रोग्रामिंग क्या है? (What is Epigenetic Reprogramming?) हमारे DNA में मौजूद जीन उम्र के साथ नहीं बदलते, लेकिन उन्हें ऑन/ऑफ करने वाले एपिजेनेटिक मार्क्स उम्र के साथ खराब होने लगते हैं। इसी बदलाव को हम एजिंग (Aging) कहते हैं। एपिजेनेटिक रीप्रोग्रामिंग में वैज्ञानिक विशेष जीन (जिन्हें Yamanaka Factors कहा जाता है) को सक्रिय करते हैं, जो इन पुराने एपिजेनेटिक मार्क्स को रीसेट कर द...