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गुरुवार, 25 मई 2023

सृष्टि का आरंभ कैसे हुआ?

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सृष्टि होती है. उसके बाद सृष्टि का अंत हो जाता है, प्रलय हो जाती है. प्रलय के बाद पहले की भांति फिर सृष्टि होती है…. फिर प्रलय हो जाती है…. फिर सृष्टि और यह सिलसिला चल ही रहा है. समाप्त नहीं होगा। यह कब प्रारंभ हुआ यह भी कोई नहीं जानता। कब से है? यह तब से है जब से कब से नहीं था अर्थात अनादि और अनंत है.ऐसा मत हिंदू धर्म में मिलता है या यूं कहें कि सनातन धर्म में मिलता है. यह वेदों, पुराणों और दर्शन,सांख्य शास्त्र, पर आधारित है. बाइबिल में ऐसा नहीं है. अभी जो संसार दिखता है वह पहली बार बना है. इसे भगवान ने छः दिनों में बनाया और सातवें दिन विश्राम किया। एक दिन बाइबिल में 2Peter 3/8 के अनुसार मनुष्य के 1000 साल के बराबर होता है. जबकि क़ुरान Quraan 70/4 में एक दिन 50000 साल के बराबर बताया गया है.वैज्ञानिक कार्ल सीगन ने अपनी किताब cosmos कॉसमॉस(1985) पेज 258 पर लिखा है कि केवल हिंदू धर्म ही बताता है कि ब्रह्माण्ड बार-बार पैदा होता है और बार-बार समाप्त हो जाता है ,हिंदुओं की काल गणना को भी ‘बिग बैंग’ के समीप माना है. ब्रह्मा जी का एक दिन और रात मनुष्यों के 8. 64 बिलियन साल बराबर होता है.बाइबल के अनुसार इस संसार की पहली ही बार रचना हुई है और जब यह समाप्त होगा तो हमेशा के लिए समाप्त हो जाएगा। कुरान भी संसार का समाप्त होना बताती है, परंतु समाप्ति के बाद एक नया संसार बनेगा जो सदा रहेगा. दोबारा प्रलय नहीं बताई गई है l


प्रलय को समझने के लिए सृष्टि को समझना आवश्यक है. महाप्रलय(जो कल्प प्रलय से भिन्न है ) के समय कोई हलचल नहीं होती है.सब कुछ बिना हलचल के और शांत होता है.भौतिक शक्ति सोई हुई थी ,केवल भगवान की अन्तरंगा शक्ति ही व्यक्त थी . भगवान ही दृष्टा थे ,कोइ दृश्य नहीं था. भगवान अपने को असत्य समझने लगे. वे असत्य नहीं हैं ,सोई हुईं शक्तियों,जीवो और स्वांशो के कारण ऐसा समझा. सृष्टि के आभाव में वे अपने को अधूरा मान रहे थे। . ऋग्वेद10.129,श्रीमद्भागवत,श्रीमद् भगवतगीता और सांख्यदर्शन के अनुसार भगवान संकल्प करते हैं कि वह अनेक हो जाएं. इस संकल्प से प्रकृति में , जोकि एकदम निश्चल स्थिति में होती है ,भगवान की काल शक्ति से हलचल आरम्भ होती है.भगवान की स्वभाव शक्ति तीनों गुणों को परिवर्तित करती है और कर्म महत्तत्व को जन्म देता है. भगवान के एक से अनेक होने के संकल्प को आदि कर्म कहा है. कर्म की परंपरा का इससे आरंभ हुआ है.इसे विश्राम का त्याग भी बताते हैं.....8/3गीता . इसे कहते हैं कि भगवान ने प्रकृति के गर्भ में बीज स्थापित किया. इस कर्म से ही महतत्व पैदा होता है. महा -प्रलय के पश्चात सृष्टि में सबसे पहला पदार्थ जो प्रकट होता है वह महतत्व है.यह परमपुरुष की परम चेतना से जुड़ा हुआ है , उसकी छाया या प्रतिबिम्ब है ,पर भौतिक पदार्थ सा प्रतीत होता है . रजोगुण के कारण इसमें क्रियाशीलता है . महतत्व से अहम्कार पैदा होता है.अहम्कार --सात्विक,राजसिक व् तामसिक -- से मन ,पांच ज्ञानेंद्रियां और पांच कर्म-इन्द्रियाँ प्रकट होती हैं, इसी से पांच तन्मात्राएं और इन पांच तन्मात्राओं से पांच महाभूत--- आकाश ,वायु, अग्नि, जल और धरती प्रकट होते हैं. सृष्टि में प्रकृति के अलावा काल,स्वभाव और जीव भी रहते हैं.भागवतानुसार यह सब निष्क्रीय रहते हैं. भगवान अपनी कालशक्ति सहित इनमें प्रवेश करते हैं तो इनमें चेतना आती है. यह विराट पुरुष है ,जो कि आदि अवतार ,प्रथम जीव , समस्त जीवों की आत्मा और परमात्मा का अंश है -- 3/6/1-8. इसमें ही समस्त लोक हैं . और अर्जुन को दिखाया गया विराट रूप कृष्ण के छोटे से अंश में स्थित है --गीता 10/ 42. इससे भगवान कृष्ण की विशालता -अनन्ता पर ध्यान जाता है . परमहंसों में प्रधान श्री सांख्यायन जी से गुरु परम्परा से आदिपुराण, जो कल्प प्रलय के पश्चात की रचना समझता है , पारासर जी व वृहस्पति के पास आया फिर पुलस्त्य मुनि की सिफ़ारिश पर मैत्रय जी को मिला--3/8/10-17.इसके अनुसार भगवान नारायण एक सहस्त्र चतुर्युगी के पश्चात जब जागते हैं तब उनकी नाभि से सृष्टि की रचना हेतु एक सूक्ष्म तत्त्व प्रकट होता है जिसमें वे अन्तर्यामी के रूप में प्रवेश करते हैं. उससे ब्रह्माजी प्रकट होते हैं जो आगे संसार की रचना करते हैं (यह ब्रह्माजी के प्रसंग में कुछ विस्तार से बताया गया है). महा प्रलय के समय,कल्प प्रलय से भिन्न , एक भगवान --मूलतत्त्व -- के आलावा कुछ भी नहीं होता, नारायण भी नहीं . . सृष्टि की रचना करना,जो भगवान अपनी गुणमयी माया से अपनी अध्यक्षता में करवाते हैं, वास्तव में भगवान की कृपा है. जीव को मानव शरीर देकर अवसर दिया जाता है कि वह भगवत्प्राप्ति/ मोक्ष प्राप्ति कर ले और अनंत आनंद प्राप्त कर लें.पुनः प्रेम करने हेतु नया नीड़/शरीर दिया जाता है--नीड का निर्माण फिर फिर,नेह का आह्वान फिर फिर .


इस संसार को भागवत सनातन वृक्ष बताती है . आश्रय एक है ,प्रकृति . दो फल --सुख दुःख;तीन जड़ें --सत्व ,रज,तम ;चार रस --अर्थ,धर्म,काम,मोक्ष . श्रोत्र ,त्वचा ,नेत्र ,रसना व नासिका से इसे जाना जाता है . पैदा होना ,रहना,बढ़ना,बदलना,घटना और नष्ट होना इसका स्वभाव है. आठ शाखाएं है --मन,बुद्धि ,अहंकार व पांच महाभूत. नौ द्वार हैं ,मुख आदि ;दस प्राण हैं ,उदान ,अपानादि . इसमें ईश्वर व् जीव दो पक्षी रहते हैं . सबका एक मात्र आधार भगवान हैं --प्रलय,उत्तपत्ति,रक्षा--10/2/27-28 .


भागवत ने चार प्रकार की प्रलय बताई है:नैमित्तिक ,प्राकृतिक ,आत्यंतिक और नित्य.


ब्रह्मा जी अपना एक दिन बिताने के बाद शयन करते हैं. यही नैमित्तिक प्रलय है. ब्रहमा जी का एक दिन 1000 चतुर्युगी के बराबर होता है. कलि युग 432000 वर्ष का होता है, इससे दो गुना द्वापर , तीन गुना त्रेता ,चार गुना सतयुग। चारों युग मिलाकर 43 लाख 20 हज़ार वर्ष के होते हैं.ब्रह्मा का दिन 4 अरब 32 करोड़ वर्ष का हुआ.यह एक कल्प कहलाता है. इतनी बड़ी ही उनकी रात होती है जिसमें वह सोते हैं.ब्रह्मा जी की रात्रि हमारे लिए प्रलय है. रात के बाद दिन में पुनः सृष्टि होती है; सृष्टि के बाद पुनः रात होती है अर्थात प्रलय होती है… और यह सिलसिला चलता रहता है. अपने मान से 100 वर्ष पूरे कर के ब्रह्माजी भी समाप्त हो जाते हैं. इसे प्राकृतिक प्रलय या महाप्रलय कहते हैं. ब्रह्माजी के 1 वर्ष में 360 दिन और इतनी ही रातें होती हैं.हर कल्प के बाद नैमित्तिक प्रलय होती है . ब्रह्मा जी के 100वर्ष के पश्चात प्राकृतिक प्रलय होती है. इस प्रलय में सारा संसार अपने कारण में घुल मिल जाता है ,लय हो जाता है.प्राकृत सृष्टि भी नहीं रहती . कल्प प्रलय में चराचर प्राणी समाप्त हो जाते हैं, प्राकृत सृष्टि वैसी -की -वैसी रहती है --2 /10 /46 .कल्प प्रलय में तीनों लोक ब्रह्माजी में छिप जाते हैं . महर्लोक के वासी ताप से पीड़ित होकर जनलोक चले जाते हैं ,जल के भीतर शेषशायी भगवान शयन करते हैं --3/11/27-31. संसार का महा प्रलय/प्राकृत प्रलय संसार की सृष्टि के विपरीत क्रम से होता है. जो सबसे बाद में उत्पन्न होता है वह सबसे पहले समाप्त होता है. अर्थात पंचमहाभूत सबसे पहले समाप्त होते हैं, और महतत्व सब के पश्चात. इस प्रलय में भयंकर उत्तल पुथल होती है. ऐसी उथल-पुथल का वर्णन बाइबिल और कुरान में भी है--- 2Peter3/10, Genisis7 , Quraan69/13-16 . प्रलय का समय आने पर 100 वर्षों तक बारिश नहीं होती. खाने के पदार्थ अंन आदि उत्पन्न नहीं होते.प्रजा क्षीण हो कर समाप्त हो जाती है. सारा जल सूर्य सोख लेता है; परंतु वर्षा नहीं होती. सब ओर से ब्रह्मांड जलने लगता है. गोबर के पिंड की तरह जलता हुआ प्रतीत होता है. प्रलयकालीन अग्नि का नाम है सावर्त्तक अग्नि. प्रचंड वायु सैकड़ों वर्षो तक चलती है. फिर भयंकर बारिश आती है.सारा संसार समुद्र ही हो जाता है. धरती तत्व को जल तत्त्व ग्रस लेता है ,जल को तेज,तेज हो वायु, और वायु को आकाश. यह सब अहंकार में समा जाते हैं. और अहंकार महतत्व में. महतत्व को प्रकृति के गुण ग्रस लेते हैं. काल का भी कोई विकार नहीं होता.इस अव्यक्त को जगत का मूलभूत तत्व कहते हैं. इस अवस्था का नाम प्राकृत प्रलय है. प्रकृति और पुरुष की शक्तियां काल के प्रभाव से क्षीण हो जाती हैं और अपने मूल स्वरूप में लीन हो जाती है. इस अवस्था को तर्क से नहीं जाना जा सकता. इस अवस्था में कोई भी हलचल नहीं है--12/4/22. योगेश्वर अंतरिक्ष ने राजा निमि को समझाया है कि व्यक्त का अव्यक्त होना प्रलय है ;इसका विपरीत क्रम सृष्टि है और भगवान की माया है यह सब-- 11/3/8-15.


प्राकृतिक प्रलय में अपनी शक्तियों को समेट कर सोए हुए भगवान को प्रलय के अंत मेंश्रुतियां जगाती हैं भगवान का प्रतिपादन करने वाले वचनों से--10/87/12-13 .


आत्यंतिक प्रलय उस को कहते हैं जब जीव माया/ प्रकृति से संबंध विच्छेद करके अपने आत्म स्वरुप में स्थित हो जाता है.आत्मा की माया से मुक्त वास्तविक स्थिति ही आत्यंतिक प्रलय कहलाती है.इस्कॉन के सिद्धांतानुसार : “ जब मनुष्य परमात्मा का अनुभव प्राप्त कर लेता है तो वह भौतिक जगत का आत्यंतिक या परम प्रलय कहलाता है.”


प्रतिदिन तिनके से लेकर ब्रह्मा तक जीव जन्म ले रहे हैं और मर रहे हैं, यही नित्य प्रलय है.


स्मरण रहे कि प्रलय भौतिक जगत का होता है, ब्रहमा द्वारा बनाए गए संसार का. भगवान के धाम नित्य हैं. यह वैकुंठ कहलाते हैं. इनका प्रलय से कोई लेना-देना नहीं. शास्वत होने के कारण ना इन का प्रारंभ है ना अंत. यहां पर प्रभु के भक्त रहते हैं और यहां जाने के बाद दोबारा संसार में जन्म नहीं होता, ऐसा कृष्ण ने गीता में बताया है--15/6. ध्यान देने की बात है कि प्राकृत प्रलय में हम नष्ट नहीं होते और ना ही हम /जीव के कर्म.संसार की फिर से रचना होने पर हम मायाबद्ध जीवो को वहीं से प्रारंभ करना पड़ता है जहां प्रलय के समय थे. जैसे क्रिकेट के खेल में दूसरे दिन उसी स्कोर/ स्थिति से खेल शुरू होता है जो खेल समाप्त होने पर था. यह जगतगुरुतम श्री कृपालु जी समझाते हैं.


वर्तमान कल्प श्वेत वाराह कल्प है.प्रत्येक कल्प में 14 मन्वंतर होते हैं. सातवांँ मन्वंतर चल रहा है. मनु का नाम वैवस्वत है और युग 28वां कलियुग है. ब्रहमाजी के 50 वर्ष पूरे हो चुके हैं. यह उनके 51वें वर्ष का पहला दिन है. पिछले युग में, द्वापर में, स्वयं भगवान कृष्ण ने अवतार लिया था करीबन 5000 वर्ष पूर्व. यूँ तो हर द्वापर में श्री कृष्ण अवतार लेते हैं, परंतु कल्प में एक बार स्वयं भगवान पधारते हैं जिन्हें अवतारी कहा जाता है.ब्रह्मवैवर्त पुराणके प्रकृति खंड 54/74 का हवाला देते हुए श्री प्रकाशानंद अपनी किताब ट्रू हिस्ट्री एंड रिलीजन ऑफ इंडिया में पेज पर 455 *लिखते हैं कि हमारे सूर्य की वर्तमान आयु 155.52 ट्रीलियन155.52 trllion वर्ष है.ब्रह्मा के हर 15 साल के पश्चात एक महा प्रलय(प्राकृत नहीं ) होता है जिसमें हमारी धरती और सूर्य का नवीनीकरण होता है . ब्रह्मा ने अपनी आयु के 50 वर्ष पूर्ण कर लिये हैं ,तीन बार ऐसा नवीनीकरण हो चुका है और इस धरती की शेष आयु 2.348 बिलियन वर्ष है.कुछ विद्वान, जैसे श्री विश्वनाथ चक्रवर्ती और श्री जीव गोस्वामी का मत है कि हर मन्वंतर के पश्चात जल प्रलय होती है. इसमें सारे प्राणी समाप्त हो जाते हैं, धरती पर जल ही जल हो जाता है. अन्य विद्वान श्रीधर स्वामी कहते हैं कि हर मनु के बदलने पर प्रलय नहीं होती. भागवत से यह बात तो स्पष्ट है कि चाक्षुष मनुके पश्चात एक जल प्रलय अवश्य हुई है. सत्यव्रत/ श्राद्ध देव,आगामी मनु,वैवस्वत मन्वंतर के,को प्रेरणा देकर भगवान/मत्स्य अवतार ने एक नाव में समस्त प्राणियों के सूक्ष्म शरीर रखवाए हैं, जिन से आगे चलकर सृष्टि चली है...1/3/15. ऐसा ही वर्णन नोआह Noah के मामले में बाइबिल में है. …Genisis 7-10.अंतर इतना सा ही है कि बाइबिल में समस्त प्राणियों के स्थूल शरीर बचाने का वर्णन है.


हर कल्प में सारी घटनाएं एक जैसी नहीं होती हैं, यह बात वशिष्ट जी को कौवा काकभुशंडिजी योग वशिष्ठ में समझाते हैं. “मैंने महाभारत के अलग-अलग अंत देखे हैं, दक्ष यज्ञ को देख देख कर तो मैं उकता गया हूं… ” उदाहरण के तौर पर देवी भागवत ,जोकि सारस्वत कल्प( स्कंध 6अध्याय 31) की है, में राजा परीक्षित का मोक्ष नहीं हुआ, सर्प दंश से दुर्गति हुई . उनके पुत्र जन्मजय द्वारा व्यास जी से देवी भागवत सुनने के पश्चात ही परम धाम मिला …(.तीसरे स्कंध का बारहवां अध्याय देवीभागवत माहातम्य अध्य.1) श्रीमद्भागवत पदम कल्प की घटनाएं बताती है,(2.10.47) जिस कल्प में परीक्षित का मोक्ष हुआ है…. 10.6.10-13. प्रकाशानंद जी का कहना है की अलग अलग मन्वंतर में घटनाओं में थोड़ा बहुत परिवर्तन आ सकता है, दर्शन और उपदेश वही रहता है, क्योंकि पुराण शाश्वत है. कभी-कभी लक्ष्मण राम के बड़े भाई भी बन सकते हैं और बलदेव कृष्ण के छोटे भाई. कभी राधा रानी कृष्ण के प्रकट होने के बाद प्रकट होती है और कभी-कभी रासलीला का स्थान थोड़ा सा परिवर्तित हो जाता है, उदाहरण के तौर पर चंद्र सरोवर,गोवर्धन में भी रास लीला हो सकती है.( ट्रू हिस्ट्री एंड रिलिजन ऑफ इंडिया-63)) .


चाहे संसार में व्यक्त रूप से रहें ,या अव्यक्त रूप से रहें, संसार में केवल भगवान ही हैं. भगवान के अलावा और कुछ नहीं है. जीव भगवान का सनातन अंश है. यूं तो भगवान सबके हृदय में हैं और सबके सुहृद है. परंतु संसार को सुचारु रुप से चलाने के लिए कुछ जीवों को विशेष अधिकार देते हैं. मनु और मनु पुत्र संसार में कानून व्यवस्था कायम रखते हैं और धर्म को रक्षा देते हैं. इनसे ही संसार की वृद्धि होती है. प्रथम मनु और शतरूपा ब्रह्मा जी के शरीर से निकले. इनसे ही प्रथम बार मैथुनी सृष्टि आरंभ हुई. प्रत्येक मन्वंतर के मनु अलग-अलग होते हैं जो पूरे मन्वंतर तक राज करते हैं.वर्तमान मनु श्राद्देव हैं जो सातवें मनु है और वैवस्वत मनु कहलाते हैं. इनके पुत्र हैं इक्ष्वाकु, नाभाग, वसु मान आदि. २८ वाँ कलि युग चल रहा है . लुप्त हुए वेदों को वापस स्थापित करने के लिए प्रत्येक मन्वंतर में पृथक- पृथक सप्तऋषि भी होते हैं.इस मन्वंतर के सप्तऋषिगण कश्यप, अत्रि ,वशिष्ठ, विश्वामित्र, गौतम, जमदग्नि और भारद्वाज है. इस सातवें मन्वंतर का इंद्र पुरंदर है और मुख्य देवता आदित्य, वसु, रुद्र, मरुद्गण, विश्वदेव आदि हैं. इंद्र आदि देवता स्वर्ग में रहते हैं और यज्ञ में दी जाने वाली आहूतियां स्वीकार करते हैं.भगवान अपने अंश से प्रत्येक मन्वंतर में अवतार लेते हैं. इस मन्वंतर में भगवान ने वामन रूप में अवतार ग्रहण किया है, ऋषि कश्यप की पत्नी अदिति के गर्भ से. Sabhar https://hi.quora.com

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बुधवार, 24 मई 2023

ब्लॉग ट्रैफ़िक में सुधार करें

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उपयोगकर्ता मेरा विज्ञान समाचार ब्लॉग आगंतुकों और राजस्व में सुधार कैसे करें चैटजीपीटी आपके विज्ञान समाचार ब्लॉग के लिए आगंतुकों और राजस्व में सुधार के लिए, ट्रैफ़िक चलाने और आपके प्लेटफ़ॉर्म का मुद्रीकरण करने के लिए प्रभावी रणनीतियों के संयोजन की आवश्यकता है। उन लक्ष्यों को हासिल करने में आपकी मदद करने के लिए यहां कुछ युक्तियां दी गई हैं: गुणवत्ता सामग्री: अपने लक्षित दर्शकों के लिए अपील करने वाली उच्च-गुणवत्ता, आकर्षक और अनूठी सामग्री बनाने पर ध्यान दें। सुनिश्चित करें कि आपके लेख अच्छी तरह से शोधित, सूचनात्मक हैं और आपके पाठकों को मूल्य प्रदान करते हैं। आगंतुकों को और अधिक के लिए वापस आने के लिए अपने ब्लॉग को नियमित रूप से ताज़ा सामग्री से अपडेट करें। खोज इंजन अनुकूलन (एसईओ): खोज परिणामों में अपनी दृश्यता में सुधार करने के लिए खोज इंजन के लिए अपने ब्लॉग का अनुकूलन करें। प्रासंगिक शब्दों की पहचान करने और उन्हें अपनी सामग्री, शीर्षकों और मेटा टैग में शामिल करने के लिए खोजशब्द अनुसंधान करें। बेहतर एसईओ प्रदर्शन के लिए अपनी साइट की लोडिंग गति में सुधार करें, वर्णनात्मक यूआरएल का उपयोग करें और छवियों को अनुकूलित करें। सोशल मीडिया उपस्थिति: फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और लिंक्डइन जैसे प्लेटफॉर्म पर अपने ब्लॉग के लिए सोशल मीडिया प्रोफाइल बनाएं। अपने लेख साझा करें, अपने दर्शकों के साथ जुड़ें, और प्रासंगिक चर्चाओं में भाग लें। उपयोगकर्ताओं को आपके ब्लॉग पर क्लिक करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए आकर्षक दृश्यों और आकर्षक कैप्शन का उपयोग करें। अतिथि ब्लॉगिंग और सहयोग: अतिथि ब्लॉगिंग के अवसरों के लिए विज्ञान से संबंधित अन्य ब्लॉगों या वेबसाइटों तक पहुंचें। गेस्ट पोस्ट का योगदान करके, आप अपनी पहुंच का विस्तार कर सकते हैं और अपने ब्लॉग पर नए आगंतुकों को आकर्षित कर सकते हैं। सामग्री बनाने या साक्षात्कार में भाग लेने के लिए प्रभावित करने वालों, विशेषज्ञों, या क्षेत्र के अन्य ब्लॉगर्स के साथ सहयोग करें, जो आपके ब्लॉग की दृश्यता बढ़ाने में मदद कर सकता है। ईमेल मार्केटिंग: मेलिंग सूची बनाने के लिए अपने ब्लॉग पर ईमेल सदस्यता विकल्प लागू करें। आगंतुकों को सब्सक्राइब करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए विशेष सामग्री, न्यूज़लेटर्स या अपडेट ऑफ़र करें। अपने ब्लॉग पर ट्रैफ़िक वापस लाने के लिए अपने ग्राहकों को अपने नवीनतम लेखों, विशेष प्रस्तावों, या क्यूरेट की गई सामग्री के हाइलाइट्स के साथ नियमित ईमेल भेजें। अपने दर्शकों से जुड़ें: अपने ब्लॉग पर टिप्पणियों का जवाब दें और अपने पाठकों से जुड़ें। चर्चा को प्रोत्साहित करें और समुदाय की भावना पैदा करें। निष्ठावान और सक्रिय दर्शकों को बढ़ावा देकर, आप बार-बार आने वाले आगंतुकों और मौखिक अनुशंसाओं की संभावना को बढ़ाते हैं। मुद्रीकरण रणनीतियाँ: अपने ब्लॉग से राजस्व उत्पन्न करने के लिए विभिन्न मुद्रीकरण रणनीतियों का अन्वेषण करें। इनमें Google AdSense जैसे प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रासंगिक विज्ञापन प्रदर्शित करना, संबद्ध विपणन कार्यक्रमों में शामिल होना, प्रायोजित सामग्री या उत्पाद समीक्षा की पेशकश करना, या प्रीमियम सामग्री या सदस्यता-आधारित सेवाएं बनाना शामिल हो सकता है। विश्लेषिकी और अनुकूलन: उपयोगकर्ता के व्यवहार, यातायात स्रोतों और लोकप्रिय सामग्री को ट्रैक और विश्लेषण करने के लिए Google विश्लेषिकी जैसे वेबसाइट विश्लेषिकी उपकरण का उपयोग करें। रुझानों की पहचान करने, अपने दर्शकों की प्राथमिकताओं को समझने और तदनुसार अपने ब्लॉग को अनुकूलित करने के लिए इस डेटा का उपयोग करें। ब्रांड्स या संस्थानों के साथ सहयोग करें: विज्ञान से संबंधित ब्रांडों, शैक्षणिक संस्थानों या शोध संगठनों के साथ साझेदारी की तलाश करें। इसमें प्रायोजित सामग्री, घटनाएँ, या सहयोग शामिल हो सकते हैं जो परस्पर लाभ प्रदान करते हैं, जैसे जोखिम, धन या अनन्य संसाधनों तक पहुँच। निरंतर सीखना और अनुकूलन: विज्ञान समाचार और ब्लॉगिंग प्रथाओं में नवीनतम रुझानों और प्रगति के साथ अद्यतन रहें। विभिन्न रणनीतियों के साथ प्रयोग करें, उनकी प्रभावशीलता को ट्रैक करें, और प्राप्त अंतर्दृष्टि के आधार पर अपना दृष्टिकोण अनुकूलित करें। याद रखें कि एक सफल ब्लॉग बनाने में समय, समर्पण और निरंतर प्रयास लगता है। इन रणनीतियों को लागू करने और अपने पाठकों को मूल्य प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध रहने से, आप समय के साथ अपने ब्लॉग की आगंतुक संख्या और राजस्व क्षमता दोनों में सुधार कर सकते हैं।

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Hyundai and Kia Agree to $200 Million Settlement Over Car Thefts in U.S

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 Hyundai Motor and Kia Corp have agreed to pay a $200 million settlement due to a class-action lawsuit over car thefts of their vehicles. The Korean car makers plan to provide software upgrades to 8.3 million U.S. cars lacking anti-theft immobilizers, a move aimed at reducing car thefts that have been promoted through social media platforms like TikTok. The settlement will cover around 9 million U.S. car owners, providing up to $145 million for those who have experienced thefts. The companies will also compensate for theft-related losses, including insurance deductibles and increased premiums.

If a customer’s vehicle can’t be upgraded with security software, Hyundai and Kia will offer up to $300 for the purchase of steering wheel locks or other theft deterrent devices. This agreement applies to Hyundai or Kia vehicles from the 2011 to 2022 model year with a standard “insert-and-turn” steel key ignition system. The settlement also covers expenses like car rentals, taxi fares, towing costs, and even tickets or penalties from a stolen vehicle sabhar 


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एआई के साथ सबसे बड़ी चुनौती पर गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने कहा, 'तथा तनाव होने वाला है'

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उनकी टिप्पणी एआई में तेजी से प्रगति के बीच संतुलन बनाने की आवश्यकता पर प्रकाश डालती है और यह सुनिश्चित करती है कि समा



ज को इन परिवर्तनों के अनुकूल होने का अवसर मिलेलोकप्रिय YouTuber अरुण मैनी, जिन्हें "Mrwhosetheboss" के नाम से भी जाना जाता है, के साथ एक अनौपचारिक बातचीत के दौरान, Google के CEO सुंदर पिचाई ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के भविष्य और स्मार्टफोन पर इसके प्रभाव के बारे में एक स्पष्ट चर्चा की।

style="box-sizing: border-box; line-height: 28px; margin: 0px 0px 10px; padding: 0px;">पिचाई ने एआई के लोकतंत्रीकरण पर जोर देते हुए कहा, "अब आप इस (एआई) को दुनिया में हर किसी के लिए सुलभ बना रहे हैं। मुझे लगता है कि यह अच्छा है लेकिन परिवर्तन की गति के बारे में आपकी बात बहुत तेज है, मुझे लगता है कि यह वास्तविक है। आप समाज को इसके अनुकूल होने के लिए समय देना होगा और जै





से-जैसे हम यहां प्रगति करेंगे, तनाव होने वाला है।


सुंदर पिचाई और अरुण मैनी की विशेषता वाले YouTube साक्षात्कार ने तीन दिन पहले अपने अपलोड के बाद से महत्वपूर्ण ध्यान आकर्षित किया है, जो अब तक प्रभावशाली 2.8 मिलियन बार देखा जा चुका है। टिप्पणी अनुभाग दो प्रमुख हस्तियों के बीच बातचीत के लिए दर्शकों की प्रशंसा को दर्शाता है, जिसमें एक व्यक्ति ने उनकी बातचीत को देखकर प्रसन्नता व्यक्त की और पिचाई की विनम्रता की सराहना की।

अन्य समाचारों में, Google बार्ड, Google द्वारा विकसित एक AI चैटबॉट, अंततः इस महीने की शुरुआत में भारत में लॉन्च किया गया था। इच्छुक उपयोगकर्ता अब आधिकारिक Google बार्ड वेबसाइट के माध्यम से चैटबॉट तक पहुंच सकते हैं। Google I/O 2023 के दौरान, सर्च दिग्गज ने भारत सहित 180 से अधिक देशों में चैटबॉट उपलब्ध कराने की अपनी योजना का खुलासा किया। Google बार्ड OpenAI के ChatGPT के प्रत्यक्ष प्रतियोगी के रूप में उभर कर सामने आया है, जो AI चैटबॉट स्पेस में भयंकर प्रतिस्पर्धा को उजागर करता है

Sabhar https://www.businesstoday.in/technology/news/story/thats-going-to-be-the-tension-google-ceo-sundar-pichai-on-the-biggest-challenge-with-ai-381755-2023-05-18













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What is future of ai ask chat gpt

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Future of AI

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ChatGPT

The future of AI holds immense potential and is expected to have a significant impact on various aspects of our lives. While it is impossible to predict the future with certainty, here are some potential developments and trends that may shape the future of AI:

  1. Advancements in Machine Learning: Machine learning algorithms will continue to evolve, enabling AI systems to become more accurate, efficient, and capable of handling complex tasks. This will lead to improvements in various fields such as healthcare, finance, transportation, and entertainment.

  2. AI in Healthcare: AI has the potential to revolutionize healthcare by assisting in diagnosis, drug discovery, personalized medicine, and patient monitoring. AI systems can analyze large amounts of medical data to identify patterns and provide valuable insights to healthcare professionals, ultimately leading to more precise and efficient treatments.

  3. Autonomous Vehicles: Self-driving cars and other autonomous vehicles are expected to become more prevalent. AI algorithms will play a crucial role in enabling these vehicles to navigate and make decisions in real-time, improving road safety and transportation efficiency.

  4. Natural Language Processing: Natural language processing (NLP) capabilities will continue to advance, enabling machines to understand and generate human language more effectively. This will lead to improved virtual assistants, language translation services, and better communication between humans and machines.

  5. Robotics and Automation: AI-powered robots and automation systems will increasingly be used in various industries, including manufacturing, logistics, agriculture, and healthcare. These robots can perform repetitive or dangerous tasks, leading to increased productivity, cost savings, and improved safety.

  6. Ethical and Responsible AI: As AI becomes more powerful and integrated into our daily lives, there will be a greater focus on ethical considerations and responsible use. Efforts to address issues such as bias, transparency, privacy, and accountability will become more important to ensure that AI technologies are used for the benefit of humanity.

  7. AI-Assisted Creativity: AI tools and algorithms are already being used to assist in creative endeavors such as art, music, and content generation. In the future, AI may collaborate with humans to enhance creativity, opening up new possibilities in various artistic and design fields.

  8. AI and Workforce Transformation: AI will continue to impact the job market, automating certain tasks and roles while creating new opportunities. It is crucial for individuals and organizations to adapt to these changes by acquiring new skills and embracing lifelong learning.

  9. AI in Personalized Experiences: AI algorithms can analyze vast amounts of data to personalize user experiences in areas such as entertainment, e-commerce, and advertising. This trend is likely to continue, providing tailored recommendations and services based on individual preferences and behavior.

  10. AI and Scientific Discoveries: AI has the potential to accelerate scientific research and discoveries across various disciplines. By analyzing large datasets, identifying patterns, and generating hypotheses, AI systems can contribute to breakthroughs in fields like genomics, materials science, and drug discovery.

It's important to note that while AI offers numerous opportunities, it also raises ethical and societal challenges that must be addressed. Responsible development, regulation, and collaboration between various stakeholders will be crucial to harness the potential of AI for the betterment of society.

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OpenAI ने AI भाषा मॉडल की नई पीढ़ी GPT-4 की घोषणा की

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 OpenAI ने अपने बड़े भाषा मॉडल के नवीनतम संस्करण GPT4 की घोषणा की है जो चैटजीपीटी और नए बिंग जैसे प्रमुख अनुप्रयोगों को शक्ति प्रदान करता है। सैन फ्रांसिस्को स्थित शोध कंपनी का कहना है कि GPT-4 पिछले संस्करण की तुलना में अधिक परिष्कृत है और इसे अधिक डेटा पर प्रशिक्षित किया गया है, जिससे इसे चलाना भी महंगा हो गया है।

OpenAI ने अपने बड़े भाषा मॉडल के नवीनतम संस्करण GPT4 की घोषणा की है जो चैटजीपीटी और नए बिंग जैसे प्रमुख अनुप्रयोगों को शक्ति प्रदान करता है। सैन फ्रांसिस्को स्थित शोध कंपनी का कहना है कि GPT-4 पिछले संस्करण की तुलना में अधिक परिष्कृत है और इसे अधिक डेटा पर प्रशिक्षित किया गया है, जिससे इसे चलाना भी महंगा हो गया है।

कंपनी का दावा है कि मॉडल "पहले से कहीं अधिक रचनात्मक और सहयोगी है" और "कठिन समस्याओं को अधिक सटीकता के साथ हल कर सकता है।" GPT-4 रचनात्मक और तकनीकी लेखन कार्यों पर उपयोगकर्ताओं के साथ उत्पन्न, संपादित और पुनरावृति कर सकता है। नया मॉडल इमेज के साथ-साथ टेक्स्ट का भी जवाब दे सकता है

चैटजीपीटी के पाठों का उपयोग करके GPT-4 को पुनरावृत्त रूप से संरेखित करने में 6 महीने बिताए हैं, जिसके परिणामस्वरूप तथ्यात्मकता, संचालनीयता, और रेलिंग के बाहर जाने से इनकार करने पर हमारे सबसे अच्छे परिणाम (हालांकि एकदम सही से बहुत दूर) हैं। कंपनी ने एक शोध ब्लॉग पोस्ट में कहा।

GPT-4 कैप्शन, वर्गीकरण और विश्लेषण उत्पन्न कर सकता है। यह 25,000 शब्दों के टेक्स्ट को संभालने, सामग्री निर्माण, विस्तारित वार्तालाप, साथ ही दस्तावेज़ खोज और विश्लेषण को सक्षम करने में भी सक्षम है।

OpenAI का कहना है कि नया मॉडल कम तथ्यात्मक रूप से गलत उत्तर देगा। वास्तव में, कंपनी का दावा है कि GPT-4 कई मानकीकृत परीक्षणों पर मनुष्यों से बेहतर प्रदर्शन करता है। उदाहरण के लिए, GPT-4 ने सिम्युलेटेड बार परीक्षा में 90वें परसेंटाइल पर, SAT रीडिंग परीक्षा में 93वें पर्सेंटाइल पर और SAT मैथ परीक्षा में 89वें पर्सेंटाइल पर प्रदर्शन किया, OpenAI ने दावा किया। हालाँकि, कंपनी ने GPT-4 की सीमाओं जैसे "सामाजिक पूर्वाग्रह", मतिभ्रम और प्रतिकूल संकेतों को स्वीकार किया है।

कंपनी ने एक ब्लॉग पोस्ट में कहा, "मॉडल के आउटपुट में विभिन्न पूर्वाग्रह हो सकते हैं- हमने इन पर प्रगति की है लेकिन अभी भी बहुत कुछ करना बाकी है।"

OpenAI ने कहा कि उसने मॉडल को प्रशिक्षित करने के लिए MicrosoftAzure का उपयोग किया; रेडमंड जायंट ने स्टार्टअप में अरबों डॉलर का निवेश किया है। ओपनएआई का जीपीटी मॉडल लोकप्रिय चैटबॉट चैटजीपीटी और   माइक्रोसॉफ्ट के बिंग एआई चैट को संचालित करता है । नया बिंग एआई चैटबॉट GPT-4 का उपयोग करता है, महीनों की अफवाहों के बाद Microsoft ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की।

नया मॉडल चैटजीपीटी, ओपनएआई की $20 मासिक सदस्यता के भुगतान करने वाले उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध होगा और एपीआई के हिस्से के रूप में भी उपलब्ध होगा जो प्रोग्रामर को एआई को अपने ऐप में एकीकृत करने की अनुमति देता है। OpenAI का कहना है कि उसने अपने उत्पादों में GPT-4 को एकीकृत करने के लिए डुओलिंगो, स्ट्राइप और खान अकादमी सहित कई कंपनियों के साथ भागीदारी की है।

Microsoft और Google दोनों अंतरिक्ष में कूदने के साथ, AI वर्चस्व की दौड़ ने पिछले कुछ महीनों में भाप प्राप्त की है। जेनेरेटिव एआई, जैसा कि कई लोगों का मानना ​​है, वर्तमान में पाइपलाइन में कई भविष्य के उत्पादों के लिए आधार तैयार करेगा। OpenAI ने नवंबर में ChatGPT पेश किया और तुरंत चैटबॉट वायरल हो गया। जेनेरेटिव एआई में माइक्रोसॉफ्ट की दिलचस्पी और ओपनएआई में इसके निवेश ने गूगल को मुश्किल में डाल दिया है। सिलिकॉन वैली हैवीवेट पर जीमेल और डॉक्स जैसे अपने मुख्य ऐप में कृत्रिम बुद्धिमत्ता क्षमताओं को गहराई से एकीकृत करने का दबाव रहा sabhar https://indianexpress.com/article/technology/artificial-intelligence/openai-gpt-4-new-generation-ai-language-model-8497709/


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Meta’s Breakthrough Language Model on Par with GPT-4 and Bard in Performance One of the notable aspects of LIMA’s performance is its ability to generalise well to unseen tasks that were not part of its training data. By Mohit Pandey

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 Researchers for Meta AI, alongside Carnegie Mellon University, University of Southern California and Tel Aviv University, today unveiled LIMA, a 65 billion parameter LLaMa language model fine-tuned with the standard supervised loss on only 1,000 carefully curated prompts and responses, without any reinsurance learning or human preference modelling. 

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Check out the research paper: LIMA: Less Is More for Alignment

Meta’s AI chief Yann LeCun said that this is on par with GPT-4 and Bard in terms of performance. 

The researchers said that LIMA has shown strong capabilities in learning specific response formats with minimal training examples. They said that it can effectively handle complex queries, ranging from planning travel itineraries to speculating about alternate history. 

Interestingly, one of the notable aspects of this new language model’s performance is its ability to generalise well to unseen tasks that were not part of its training data. In other words, LIMA can apply its learned knowledge to new and unfamiliar tasks, demonstrating a level of flexibility and adaptability, shared by the researchers. 

In comparison to human-controlled responses, specifically GPT-4, Bard, and DaVinci-003 (trained with human feedback), the responses generated by LIMA were quite impressive. For instance, in 43% of cases, responses from LIMA were either equivalent to or preferred over GPT-4. In the case of Bard, LIMA was preferred in 58% of cases. In the case of DaVinci-003, the preference rose to almost 65%.

It is interesting to note that with only limited instruction tuning data, models like LIMA can generate high-quality output. 

A few weeks back, Meta also released MEGABYTE, a scalable architecture for modelling long sequences. This new technique has outperformed existing byte-level models across a range of tasks and modalities, allowing large models of sequences of over 1 million tokens. Sabhar https://analyticsindiamag.com/metas-breakthrough-language-model-on-par-with-gpt-4-and-bard-in-performance/

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How to increase views in blogging site

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Increasing views on a blogging site requires a combination of effective content creation, search engine optimization (SEO) strategies, and promotion. Here are some tips to help you increase views on your blogging site: Produce high-quality content: Create valuable and engaging content that is unique, informative, and well-written. Focus on topics that are relevant to your target audience and provide solutions to their problems or answer their questions. Optimize for search engines: Implement basic SEO techniques to make your blog posts more discoverable. Use relevant keywords in your titles, headings, and throughout the content. Include meta tags, meta descriptions, and alt tags for images. Optimize your site's loading speed and ensure it is mobile-friendly. Promote on social media: Share your blog posts on various social media platforms to reach a wider audience. Build a presence on platforms where your target audience is active, such as Facebook, Twitter, Instagram, or LinkedIn. Engage with your followers and encourage them to share your content. Guest blogging: Contribute guest posts to other established blogs in your niche. This helps you reach a new audience and build backlinks to your site, which can improve your search engine rankings. Ensure the guest posts provide value and are relevant to the host blog's audience. Email marketing: Build an email list of interested subscribers and regularly send out newsletters or updates with links to your latest blog posts. Encourage readers to share your content with others. Interlink your content: Link related blog posts within your articles to keep visitors engaged and encourage them to explore more of your site. This increases the chances of getting more page views per visitor. Utilize SEO plugins: If you're using a content management system (CMS) like WordPress, install SEO plugins such as Yoast SEO or All in One SEO Pack. These plugins can help optimize your content and provide suggestions to improve your on-page SEO. Use descriptive and engaging headlines: Craft attention-grabbing headlines that accurately describe your content while piquing readers' curiosity. A compelling headline can entice people to click and read your blog posts. Participate in blogging communities: Join blogging communities and forums where you can interact with other bloggers and share your content. Engaging with like-minded individuals can lead to networking opportunities and potential collaborations. Analyze and improve: Monitor your site's analytics to understand which blog posts are performing well and which ones aren't. Analyze the data to identify patterns and insights that can help you refine your content strategy and focus on topics that resonate with your audience. Remember that building an audience and increasing views takes time and consistency. Continuously create valuable content, optimize it for search engines, and actively promote it to grow your blog's visibility.

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Chat GPT क्या है? और Chat GPT से पैसे कैसे कमाए?वीडियो के साथ देखे

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 Chat GPT क्या है? | Chat GPT से पैसे कैसे कमाए? | Chat GPT Se Paise Kaise Kamaye | What is Chat GPT in Hindi | Chat GPT Kya Hai | How To use Chat GPT 2023 | Ai se Paise Kaise Kamaye | How To Earn Money From Chat GPT in Hindi


आज हम इस आर्टिकल के माध्यम से आपको "ChatGPT क्या है? और चैट जीपीटी से पैसे कैसे कमाए?" इसके बारे में आपको विस्तार पूर्वक जानकारी बताने वाले हैं आखिर यह chat GPT क्या होता है। इसकी पूरी जानकारी विस्तार पूर्वक हम इस लेख के माध्यम से आपको बताने वाले हैं। 


ताकि आपको सभी जानकारियां सही ढंग से समझ में आ जाए आइए जानते हैं…


आपने देखा होगा कि पिछले कुछ समय से चैट जीपीटी के नाम की बहुत चर्चा हो रही है। चैट जीपीटी क्या है? (What is Chat GPT in Hindi) चैट जीपीटी का फुल फॉर्म Chat Generation pre- trained transformer यह एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित है। इसमें आपके सवालों का सीधा जवाब दिया जाता है। एक तरह से देखा जाए तो इसको आप एक सर्च इंजन की तरह समझ सकते हैं। सर्च इंजन की तरह आप chatGPT में किसी भी तरह के सवाल के बारे में जान सकते हैं। यहां पर बहुत सारी वेबसाइट के लिंक की जगह आपको कई प्रकार के आर्टिकल देखने को मिलेंगे। चैट जीपीटी को इसके डेवलपर ने ट्रेन करने के लिए पब्लिक डाटा का भी उपयोग किया है Chat GPT से पैसे कैसे कमाए? कंटेंट राइटिंग chatGPT से पैसे कमाना Freelancing करके चैट जीपीटी से पैसा कमाना ब्लॉगिंग करके chatGPT से पैसा कमाए दूसरों का होमवर्क करके बहुत से बच्चे ऐसे हैं जो खुद का होमवर्क नहीं करते हैं या फिर उनके पास में नंबर करने का समय नहीं होता है ऐसे में आप चैट जीपीटी की मदद से बच्चों का होमवर्क करके पैसे कमा सकते हो। पैसे कमाने के लिए आपको ऐसे ट्यूटर वेबसाइट पर अपना अकाउंट बनाना होगा। जो होमवर्क है उसको आप अप्लाई कीजिए। अब आपको चैट जीपीटी वेबसाइट पर होमवर्क को सर्च करना होगा। आपको पूरी जानकारी चैट जीपीटी पर होमवर्क की मिल जाएगी। उसको आपको पढ़ लेना है। फिर उसको मॉडिफाई करके वापस से उसी वेबसाइट पर सबमिट कर देना है। जैसे ही आप होमवर्क सबमिट करते हैं। आपको आपके काम का पैसा मिल जाएगा। 5. अपने बिजनेस के लिए ईमेल मार्केटिंग करके ईमेल मार्केटिंग आज के समय में सबसे ज्यादा पावरफुल मानी जाती है। अन्य मार्केटिंग की तुलना में यहां पर आपको अच्छे कन्वर्शन मिल जाएंगे। आप कोई भी बिजनेस चलाते हैं बिजनेस बढ़ाने के लिए कस्टमर की जरूरत तो पड़ती है। ऐसे में ईमेल मार्केटिंग अच्छा ऑप्शन रहता है। ईमेल मार्केटिंग के द्वारा चैट जीपीटी से पैसे कमाने के लिए आपको संभावित कस्टमर की एक्सएल कलेक्ट करके मेल लिस्ट तैयार करनी है। उसके बाद में चैट जीपीटी के द्वारा बिजनेस से संबंधित ईमेल टाइप करना है। चैट जीपीटी में ऐसी ईमेल टाइप हो जाएगी। जिसमें आपको अच्छा कन्वर्शन मिल जाएगा। फिर आपको इस मेल को चैट जीपीटी से जो बनाई है। उसको संभावित ग्राहकों को भेज देनी है। अगर किसी भी यूजर्स को आपके प्रोडक्ट सर्विस में इंटरेस्ट है तो वह इसको खरीद लेगा। इस तरह से चैट जीपीटी का स्मार्ट उपयोग करके आप अपने बिजनेस को बढ़ा सकते हैं। 6. कोडिंग सीख कर चैटजीपीटी से पैसा कमाए आप एक एप्लीकेशन या वेब डेवलपर पर हैं। आप चैट जीपीटी के द्वारा अपने क्लाइंट के लिए वेबसाइट या एप्लीकेशन की कोडिंग करके पैसे कमा सकते हैं। चैट जीपीटी टूल के द्वारा कोई भी कोड आसानी से लिख सकते हैं। इसके अलावा किसी कोड में गलती भी आ गई है तो यहां पर उसको ऑटोमेटिक लिए ठीक कर दिया जाता है। जिस तरह का आप कोड लिखना चाहते हैं उसको आपको चैट जीपीटी पर सर्च करना होगा। वह आपको यह कोड लिखकर दे देगा। इस तरह से आप चैट जीपीटी में कोड सीख कर पैसा कमा सकते हैं। 7. यूट्यूब से चैट जीपीटी के द्वारा पैसे कमाना यूट्यूब पर आज ऐसे बहुत से चैनल है जो ऑटोमेशन वीडियो बनाकर पैसा बनाते हैं। अगर आप भी चाहे तो चैट जीपीटी के द्वारा यूट्यूब से ऑटोमेशन वीडियो बनाकर पैसे कमा सकते हैं। यूट्यूब पर अपलोड कर वीडियो को मोनेटाइजेशन भी कर सकते हैं। यूट्यूब कंटेंट के लिए चैट जीपीटी बहुत ही महत्वपूर्ण है। आप यहां पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ई के द्वारा ऑटोमेशन वीडियो बना सकते हैं। इसके लिए आपको ज्यादा मेहनत की जरूरत नहीं होगी। आपको यूट्यूब पर अपना खुद का चैनल बनाना होगा। उसके बाद ऑटोमेशन वीडियो बनाकर अपलोड करनी है। sabhar https://www.businessideashindi.in/2023/01/chat-gpt-se-paise-kaise-kamaye.html?m=1

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