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बुधवार, 24 मई 2023

Meta’s Breakthrough Language Model on Par with GPT-4 and Bard in Performance One of the notable aspects of LIMA’s performance is its ability to generalise well to unseen tasks that were not part of its training data. By Mohit Pandey

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 Researchers for Meta AI, alongside Carnegie Mellon University, University of Southern California and Tel Aviv University, today unveiled LIMA, a 65 billion parameter LLaMa language model fine-tuned with the standard supervised loss on only 1,000 carefully curated prompts and responses, without any reinsurance learning or human preference modelling. 

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Check out the research paper: LIMA: Less Is More for Alignment

Meta’s AI chief Yann LeCun said that this is on par with GPT-4 and Bard in terms of performance. 

The researchers said that LIMA has shown strong capabilities in learning specific response formats with minimal training examples. They said that it can effectively handle complex queries, ranging from planning travel itineraries to speculating about alternate history. 

Interestingly, one of the notable aspects of this new language model’s performance is its ability to generalise well to unseen tasks that were not part of its training data. In other words, LIMA can apply its learned knowledge to new and unfamiliar tasks, demonstrating a level of flexibility and adaptability, shared by the researchers. 

In comparison to human-controlled responses, specifically GPT-4, Bard, and DaVinci-003 (trained with human feedback), the responses generated by LIMA were quite impressive. For instance, in 43% of cases, responses from LIMA were either equivalent to or preferred over GPT-4. In the case of Bard, LIMA was preferred in 58% of cases. In the case of DaVinci-003, the preference rose to almost 65%.

It is interesting to note that with only limited instruction tuning data, models like LIMA can generate high-quality output. 

A few weeks back, Meta also released MEGABYTE, a scalable architecture for modelling long sequences. This new technique has outperformed existing byte-level models across a range of tasks and modalities, allowing large models of sequences of over 1 million tokens. Sabhar https://analyticsindiamag.com/metas-breakthrough-language-model-on-par-with-gpt-4-and-bard-in-performance/

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How to increase views in blogging site

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Chat GPT क्या है? और Chat GPT से पैसे कैसे कमाए?वीडियो के साथ देखे

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 Chat GPT क्या है? | Chat GPT से पैसे कैसे कमाए? | Chat GPT Se Paise Kaise Kamaye | What is Chat GPT in Hindi | Chat GPT Kya Hai | How To use Chat GPT 2023 | Ai se Paise Kaise Kamaye | How To Earn Money From Chat GPT in Hindi


आज हम इस आर्टिकल के माध्यम से आपको "ChatGPT क्या है? और चैट जीपीटी से पैसे कैसे कमाए?" इसके बारे में आपको विस्तार पूर्वक जानकारी बताने वाले हैं आखिर यह chat GPT क्या होता है। इसकी पूरी जानकारी विस्तार पूर्वक हम इस लेख के माध्यम से आपको बताने वाले हैं। 


ताकि आपको सभी जानकारियां सही ढंग से समझ में आ जाए आइए जानते हैं…


आपने देखा होगा कि पिछले कुछ समय से चैट जीपीटी के नाम की बहुत चर्चा हो रही है। चैट जीपीटी क्या है? (What is Chat GPT in Hindi) चैट जीपीटी का फुल फॉर्म Chat Generation pre- trained transformer यह एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित है। इसमें आपके सवालों का सीधा जवाब दिया जाता है। एक तरह से देखा जाए तो इसको आप एक सर्च इंजन की तरह समझ सकते हैं। सर्च इंजन की तरह आप chatGPT में किसी भी तरह के सवाल के बारे में जान सकते हैं। यहां पर बहुत सारी वेबसाइट के लिंक की जगह आपको कई प्रकार के आर्टिकल देखने को मिलेंगे। चैट जीपीटी को इसके डेवलपर ने ट्रेन करने के लिए पब्लिक डाटा का भी उपयोग किया है Chat GPT से पैसे कैसे कमाए? कंटेंट राइटिंग chatGPT से पैसे कमाना Freelancing करके चैट जीपीटी से पैसा कमाना ब्लॉगिंग करके chatGPT से पैसा कमाए दूसरों का होमवर्क करके बहुत से बच्चे ऐसे हैं जो खुद का होमवर्क नहीं करते हैं या फिर उनके पास में नंबर करने का समय नहीं होता है ऐसे में आप चैट जीपीटी की मदद से बच्चों का होमवर्क करके पैसे कमा सकते हो। पैसे कमाने के लिए आपको ऐसे ट्यूटर वेबसाइट पर अपना अकाउंट बनाना होगा। जो होमवर्क है उसको आप अप्लाई कीजिए। अब आपको चैट जीपीटी वेबसाइट पर होमवर्क को सर्च करना होगा। आपको पूरी जानकारी चैट जीपीटी पर होमवर्क की मिल जाएगी। उसको आपको पढ़ लेना है। फिर उसको मॉडिफाई करके वापस से उसी वेबसाइट पर सबमिट कर देना है। जैसे ही आप होमवर्क सबमिट करते हैं। आपको आपके काम का पैसा मिल जाएगा। 5. अपने बिजनेस के लिए ईमेल मार्केटिंग करके ईमेल मार्केटिंग आज के समय में सबसे ज्यादा पावरफुल मानी जाती है। अन्य मार्केटिंग की तुलना में यहां पर आपको अच्छे कन्वर्शन मिल जाएंगे। आप कोई भी बिजनेस चलाते हैं बिजनेस बढ़ाने के लिए कस्टमर की जरूरत तो पड़ती है। ऐसे में ईमेल मार्केटिंग अच्छा ऑप्शन रहता है। ईमेल मार्केटिंग के द्वारा चैट जीपीटी से पैसे कमाने के लिए आपको संभावित कस्टमर की एक्सएल कलेक्ट करके मेल लिस्ट तैयार करनी है। उसके बाद में चैट जीपीटी के द्वारा बिजनेस से संबंधित ईमेल टाइप करना है। चैट जीपीटी में ऐसी ईमेल टाइप हो जाएगी। जिसमें आपको अच्छा कन्वर्शन मिल जाएगा। फिर आपको इस मेल को चैट जीपीटी से जो बनाई है। उसको संभावित ग्राहकों को भेज देनी है। अगर किसी भी यूजर्स को आपके प्रोडक्ट सर्विस में इंटरेस्ट है तो वह इसको खरीद लेगा। इस तरह से चैट जीपीटी का स्मार्ट उपयोग करके आप अपने बिजनेस को बढ़ा सकते हैं। 6. कोडिंग सीख कर चैटजीपीटी से पैसा कमाए आप एक एप्लीकेशन या वेब डेवलपर पर हैं। आप चैट जीपीटी के द्वारा अपने क्लाइंट के लिए वेबसाइट या एप्लीकेशन की कोडिंग करके पैसे कमा सकते हैं। चैट जीपीटी टूल के द्वारा कोई भी कोड आसानी से लिख सकते हैं। इसके अलावा किसी कोड में गलती भी आ गई है तो यहां पर उसको ऑटोमेटिक लिए ठीक कर दिया जाता है। जिस तरह का आप कोड लिखना चाहते हैं उसको आपको चैट जीपीटी पर सर्च करना होगा। वह आपको यह कोड लिखकर दे देगा। इस तरह से आप चैट जीपीटी में कोड सीख कर पैसा कमा सकते हैं। 7. यूट्यूब से चैट जीपीटी के द्वारा पैसे कमाना यूट्यूब पर आज ऐसे बहुत से चैनल है जो ऑटोमेशन वीडियो बनाकर पैसा बनाते हैं। अगर आप भी चाहे तो चैट जीपीटी के द्वारा यूट्यूब से ऑटोमेशन वीडियो बनाकर पैसे कमा सकते हैं। यूट्यूब पर अपलोड कर वीडियो को मोनेटाइजेशन भी कर सकते हैं। यूट्यूब कंटेंट के लिए चैट जीपीटी बहुत ही महत्वपूर्ण है। आप यहां पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ई के द्वारा ऑटोमेशन वीडियो बना सकते हैं। इसके लिए आपको ज्यादा मेहनत की जरूरत नहीं होगी। आपको यूट्यूब पर अपना खुद का चैनल बनाना होगा। उसके बाद ऑटोमेशन वीडियो बनाकर अपलोड करनी है। sabhar https://www.businessideashindi.in/2023/01/chat-gpt-se-paise-kaise-kamaye.html?m=1

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सोमवार, 22 मई 2023

2023 के लिए कुछ नवीनतम तकनीकों के रुझान हैं।

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प्रौद्योगिकी हमारे दैनिक जीवन में महत्वपूर्ण है। इसका सीधा असर हमारे एक-दूसरे से संवाद करने और नई चीजें सीखने के तरीके पर पड़ता है। विशेष रूप से वर्ष 2020 नवीनतम तकनीकों को अपनाने के लिए लोगों को परिचित कराने में बहुत महत्वपूर्ण था।


लिंक्डइन की 'जॉब्स ऑन द राइज़ - यूएस'1 रिपोर्ट के आधार पर, डिजिटल कौशल की मांग बढ़ रही है। यह उम्मीद https://www.mygreatlearning.com/blog/latest-technologies-you-should-learn

की जाती है कि अगले 5 वर्षों में विश्व स्तर पर 150M प्रौद्योगिकी से संबंधित नौकरियां जोड़ी जाएंगी। अब जब हम 2021 में चले गए हैं, तो बहुत सारी नई प्रौद्योगिकियां हैं जो नवाचार के भविष्य को आकार देंगी। इस ब्लॉग में 2023 के लिए कुछ नवीनतम तकनीकों के रुझान हैं।


6 नवीनतम तकनीकें जो आपको 2023 में सीखनी चाहिए

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग

डेटा साइंस एंड एनालिटिक्स

5जी

इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT)

साइबर सुरक्षा

आभासी वास्तविकता

1. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड मशीन लर्निंग

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रैक्टिशनर्स के लिए जॉब रोल्स में 2019 और 2020 के बीच 32% हायरिंग ग्रोथ देखी गई। इसका मतलब है कि यह तकनीक यहां रहने के लिए है। लिंक्डिन की इमर्जिंग जॉब रिपोर्ट 20202 में एआई विशेषज्ञ की भूमिका को #1 स्थान दिया गया था और महामारी के साथ, कई कंपनियों ने एआई को लागू करना शुरू कर दिया है।


एक और नवीनतम तकनीक जिसे आप 2021 में सीखने पर विचार कर सकते हैं, वह है मशीन लर्निंग। सिरी, एलेक्सा और चैटबॉट्स को किसी परिचय की आवश्यकता नहीं है क्योंकि हम उस बिंदु से आगे बढ़ चुके हैं। आज हम बात कर रहे हैं सेल्फ-ड्राइविंग कार, रोबोट जो स्वास्थ्य सेवा में मदद कर सकते हैं और ऑनलाइन धोखाधड़ी का पता लगा सकते हैं। मशीन लर्निंग को विभिन्न उद्योगों में लागू किया जा सकता है जो इस नई तकनीक को सीखने का एक अतिरिक्त लाभ है।




यह यूएस के शीर्ष विश्वविद्यालयों में से एक: टेक्सास मैककॉम्ब्स का 6 महीने का कार्यक्रम है और इसे ग्रेट लर्निंग के सहयोग से पेश किया जाता है। इसके व्यापक पाठ्यक्रम में मैककॉम्ब्स संकाय द्वारा रिकॉर्ड किए गए वीडियो व्याख्यान, उद्योग विशेषज्ञों के साथ साप्ताहिक बातचीत, व्यवस्थापक और पाठ्यक्रम से संबंधित सहायता के लिए कार्यक्रम प्रबंधक समर्थन, 8+ प्रोजेक्ट शामिल हैं जो आपको वास्तविक समय में एआई और मशीन लर्निंग अवधारणाओं को लागू करने के लिए व्यावहारिक ज्ञान से लैस करेंगे। व्यापार परियोजनाओं।




2. डेटा साइंस एंड एनालिटिक्स

डेटा साइंस इज द सेक्सिएस्ट जॉब अब एक पुराना बयान बन गया है। Statista3 की एक रिपोर्ट के अनुसार, बिग डेटा एप्लिकेशन और एनालिटिक्स से राजस्व 2018 में $5.3B से बढ़कर 2026 में $19.4B होने की उम्मीद है। डेटा वैज्ञानिक की नौकरी भूमिका किसी भी सर्वेक्षण में शीर्ष 3 में बनी रहती है, चाहे वह कोई भी हो लिंक्डइन या ग्लासडोर द्वारा। विभिन्न उद्योगों में इसके अनुप्रयोग के साथ: वित्त, आईटी, स्वास्थ्य और अन्य, यह नवीनतम तकनीक है जिसे आपको 2021 में सीखना चाहिए।


इसे कहां से सीखें: डेटा साइंस एंड बिजनेस एनालिटिक्स में पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम


अमेरिका के अग्रणी विश्वविद्यालयों में से एक द्वारा पेश किया गया, यह 6 महीने का कार्यक्रम टेक्सास मैककॉम्ब्स द्वारा पेश किया जाता है और ग्रेट लर्निंग के सहयोग से दिया जाता है। पाठ्यक्रम आपको पायथन फाउंडेशन की स्थापना, व्यवसाय सांख्यिकी, झांकी के साथ डेटा विज़ुअलाइज़ेशन, समेकन तकनीकों, पर्यवेक्षित और अनुपयोगी शिक्षा और बहुत कुछ जैसे विषयों के माध्यम से ले जाएगा।




3. 5जी

जैसा कि नाम से पता चलता है, 5G मोबाइल नेटवर्क की 5वीं पीढ़ी के लिए है। यह 2021 की सबसे प्रतीक्षित नवीनतम तकनीक है क्योंकि यह कनेक्टिविटी की उच्च गति प्रदान करेगी और आपको एक समय में कई वस्तुओं को जोड़ने की शक्ति प्रदान करेगी। यह वर्तमान 4जी की तुलना में शक्तिशाली रूप से तेज होगा, जो 20 जीबीपीएस पीक डेटा दरों और 100+ एमबीपीएस औसत डेटा दरों को डिलीवर करेगा। अमेरिका, चीन और दक्षिण कोरिया 5G तकनीक को तैनात करने में दुनिया का नेतृत्व कर रहे हैं। कहने की जरूरत नहीं है कि एक बार यह नवीनतम तकनीक आने के बाद सैमसंग, हुआवेई, क्वालकॉम इत्यादि जैसी दूरसंचार कंपनियों में पेशेवरों के लिए नौकरियां पैदा होंगी।


4. इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT)

आईओटी वास्तव में क्या है?


जैसा कि टेकयूके के कार्यक्रम प्रमुख मैथ्यू इवांस कहते हैं - "बस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स उपकरणों से बना है - साधारण सेंसर से लेकर स्मार्टफोन और वियरेबल्स तक - एक साथ जुड़े हुए हैं।"


IoT कई उपकरणों के बीच कनेक्शन स्थापित करता है और उनके दूरस्थ उपयोग को भी सक्षम बनाता है। उदाहरण के लिए, आपकी फ़िटनेस ट्रैकर घड़ी आपके द्वारा बर्न की गई कैलोरी, वॉइस असिस्टेंट, स्मार्ट उपकरण, सभी IoT पर चलने वाले ट्रैक कर सकती है। Cisco4 के एक लेख में, यह भविष्यवाणी की गई है कि 2025 तक, 75 बिलियन से अधिक IoT डिवाइस वेब से जुड़ जाएंगे, इस प्रकार इस तकनीक के अनुप्रयोग का विस्तार होगा। इस नवीनतम तकनीक के टेक बाजार में अगली बड़ी चीज होने की उम्मीद है।'


5. साइबर सुरक्षा

लगभग हर उद्योग बड़े डिजिटल परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है, साइबर हमलों के बारे में जागरूकता निश्चित रूप से है। इंटरनेट पर हर चीज पर हमला किया जा सकता है और डेटा से समझौता किया जा सकता है। यह एक है sabhar https://www.mygreatlearning.com/blog/latest-technologies-you-should-learn/

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रविवार, 21 मई 2023

भारत क्लाउड बाजार में 13 अरब डॉलर लगाएगी अमेजन

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 अमेजन डॉट कॉम की क्लाउड कंप्यूटिंग यूनिट ने 2030 तक भारत में 13 अरब डॉलर के निवेश का एलान किया है. जेफ बेजोस की कंपनी अब तक भारत के ई-कॉमर्स बाजार में 6.5 अरब डॉलर का निवेश कर चुकी है. बीते सालों में भारत में अमेजन का कारोबार तेजी से फैला है, लेकिन कंपनी के सामने कड़े नियम कायदों की चुनौतियां भी खड़ी हैं.

अमेजन वेब सर्विस का दावा है कि क्लाउड कंप्यूटिंग यूनिट में निवेश से भारत में 1,00,000 फुल टाइम नौकरियां पैदा होंगी. फिलहाल भारतीय उपमहाद्वीप में अमेजन के दो डाटा सेंटर चल रहे हैं. पहला 2016 में मुंबई में लॉन्च किया गया था और दूसरा 2022 में हैदराबाद में.

तेजी से बढ़ता क्लाउड बाजार

अमेजन का क्लाउड प्लेटफॉर्म स्टोरेज, नेटवर्किंग और एआई समेत 200 से ज्यादा सर्विसेज मुहैया कराता है. भारत के कॉरपोरेट सेक्टर और सरकारी सेक्टर में डाटा स्टोरेज और क्लाउड सर्विसेज की बड़ी मांग है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रियल टाइम अपडेट और रोबोटिक्स में तेज डाटा स्ट्रीमिंग खासी अहमियत है.

मार्केट इंटेलिजेंस प्रोवाइडर आईडीसी के मुताबिक भारत का पब्लिक क्लाउड सर्विस मार्केट 2026 तक 13 अरब डॉलर का हो जायेगा. बीते दो साल से यह बाजार 23.1 फीसदी की दर से विकास कर रहा है और यह उछाल अगले तीन साल तक जारी रहने का अनुमान 


एमेजॉन इंडिया

भारत क्लाउड बाजार में 13 अरब डॉलर लगाएगी अमेजन

१९ मई २०२३

भारत में ऐसा क्या हो रहा है कि माइक्रोसॉफ्ट, अल्फाबेट और अमेजन जैसी दिग्गज कंपनियां वहां अरबों डॉलर का निवेश कर रही हैं.

https://p.dw.com/p/4RYhx

अमेजन डॉट कॉम की क्लाउड कंप्यूटिंग यूनिट ने 2030 तक भारत में 13 अरब डॉलर के निवेश का एलान किया है. जेफ बेजोस की कंपनी अब तक भारत के ई-कॉमर्स बाजार में 6.5 अरब डॉलर का निवेश कर चुकी है. बीते सालों में भारत में अमेजन का कारोबार तेजी से फैला है, लेकिन कंपनी के सामने कड़े नियम कायदों की चुनौतियां भी खड़ी हैं.

अमेजन वेब सर्विस का दावा है कि क्लाउड कंप्यूटिंग यूनिट में निवेश से भारत में 1,00,000 फुल टाइम नौकरियां पैदा होंगी. फिलहाल भारतीय उपमहाद्वीप में अमेजन के दो डाटा सेंटर चल रहे हैं. पहला 2016 में मुंबई में लॉन्च किया गया था और दूसरा 2022 में हैदराबाद में.

क्लाउड सर्विसेज में जारी है तेज बढ़त
क्लाउड सर्विसेज में जारी है तेज बढ़ततस्वीर: dropbox

तेजी से बढ़ता क्लाउड बाजार

अमेजन का क्लाउड प्लेटफॉर्म स्टोरेज, नेटवर्किंग और एआई समेत 200 से ज्यादा सर्विसेज मुहैया कराता है. भारत के कॉरपोरेट सेक्टर और सरकारी सेक्टर में डाटा स्टोरेज और क्लाउड सर्विसेज की बड़ी मांग है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रियल टाइम अपडेट और रोबोटिक्स में तेज डाटा स्ट्रीमिंग खासी अहमियत है.

मार्केट इंटेलिजेंस प्रोवाइडर आईडीसी के मुताबिक भारत का पब्लिक क्लाउड सर्विस मार्केट 2026 तक 13 अरब डॉलर का हो जायेगा. बीते दो साल से यह बाजार 23.1 फीसदी की दर से विकास कर रहा है और यह उछाल अगले तीन साल तक जारी रहने का अनुमान है.

डिजिटल सेवाओं के विस्तार के लिए क्लाउड सर्विसेज बहुत जरूरी हैं
डिजिटल सेवाओं के विस्तार के लिए क्लाउड सर्विसेज बहुत जरूरी हैंतस्वीर: Payel Samanta/DW

"डाटा लोकली स्टोर करें"

कई साल लंबी बातचीत के बाद भाारत में खुल रहे हैं एप्पल के स्टोर
कई साल लंबी बातचीत के बाद भाारत में खुल रहे हैं एप्पल के स्टोरतस्वीर: Rouf Fida/DW

हाल के बरसों में माइक्रोसॉफ्ट और अल्फाबेट (गूगल) ने भी भारत के क्लाउड बाजार में बड़ा निवेश किया है. भारत सरकार ने बड़ी टेक कंपनियों पर भारतीयों का डाटा भारत में स्टोर करने का दबाव डाला है. इस निवेश को उसी का नतीजा बताया जा रहा है. सरकार फिलहाल क्लाउड स्टोरेज सेक्टर को नियमित करने के लिए क्लाउड एंड डाटा सेंटर पॉलिस तैयार कर रही ह

चीन से भारत का रास्ता

भारत एशिया की सबसे तेजी से विकास करती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है. बड़े बाजार, सबसे ज्यादा जनसंख्या और चीन के साथ पश्चिमी देशों के तनाव के कारण अब दिग्गज टेक कंपनियां भारत में बड़ा निवेश कर रही हैं.

मई 2023 में अमेरिका की नेटवर्किंग इक्विपमेंट मेकिंग कंपनी, सिस्को सिस्टम्स ने भारत में मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने का ऐलान किया. सप्लाई चेन में चीन पर निर्भरता घटाने के लिये सिस्को भारत में एक अरब डॉलर का निवेश करेगी.

एप्पल की सप्लायर फॉक्सकॉन भी तेलंगाना में 50 करोड़ डॉलर से एक प्लांट बनाने का ऐलान कर चुकी है. दिग्गज अमेरिकी रिटेल कंपनी वॉलमार्ट ने भी 2027 के आखिर तक भारत से 10 अरब डॉलर का माल निर्यात करने का ऐलान किया है.

ओएसजे/एए (रॉयटर्स) sabhar https://www.dw.com/hi/why-big-it-companies-are-investing-in-india/a-65673621

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शुक्रवार, 19 मई 2023

शरीर से झड़े हुए डीएनए का जासूसी के लिए हो सकता है इस्तेमाल

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 इंसान जहां भी जाते हैं उनका डीएनए उन स्थानों पर झड़ता रहता है. वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि डीएनए के इन झड़े हुए अंशों का इस्तेमाल लोगों या पूरे के पूरे नस्लीय समूह को ट्रैक करने के लिए किया जा सकता है.

सिर्फ इंसान ही नहीं बल्कि जानवर भी जहां जाते हैं वहां अपने डीएनए के अंश छोड़ जाते हैं. इसे पर्यावरणीय डीएनए या ईडीएनए कहा जाता है. हाल ही में विकसित की गई एक तकनीक ईडीएनए में से भारी मात्रा में जानकारी निकाल सकती है.

नेचर इकोलॉजी एंड एवोल्यूशन पत्रिका में छपे एक अध्ययन के लेखकों के मुताबिक यह नई तकनीक कई मेडिकल और वैज्ञानिक तरक्कियों की तरफ ले जा सकती है और यहां तक कि अपराधियों को ढूंढने में भी मदद कर सकती है. लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि यह तकनीक सहमति, निजता और सर्विलांस से जुड़ी कई चिंताएं भी सामने लाती है.

अनजाने में हुई बड़ी खोज

इंसान जहां जहां जाते हैं वहां या तो उनकी चमड़ी या बालों की कोशिकाओं झड़ती हैं. इसके अलावा खांसी में मिली छोटी बूंदों से लेकर शौचालयों में फ्लश किए गए बेकार पानी तक में उनके डीएनए के अंश होते हैं.


डीएनए
विज्ञानसंयुक्त राज्य अमेरिका

शरीर से झड़े हुए डीएनए का जासूसी के लिए हो सकता है इस्तेमाल

१७ मई २०२३

इंसान जहां भी जाते हैं उनका डीएनए उन स्थानों पर झड़ता रहता है. वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि डीएनए के इन झड़े हुए अंशों का इस्तेमाल लोगों या पूरे के पूरे नस्लीय समूह को ट्रैक करने के लिए किया जा सकता है.

https://p.dw.com/p/4RUyP

सिर्फ इंसान ही नहीं बल्कि जानवर भी जहां जाते हैं वहां अपने डीएनए के अंश छोड़ जाते हैं. इसे पर्यावरणीय डीएनए या ईडीएनए कहा जाता है. हाल ही में विकसित की गई एक तकनीक ईडीएनए में से भारी मात्रा में जानकारी निकाल सकती है.

नेचर इकोलॉजी एंड एवोल्यूशन पत्रिका में छपे एक अध्ययन के लेखकों के मुताबिक यह नई तकनीक कई मेडिकल और वैज्ञानिक तरक्कियों की तरफ ले जा सकती है और यहां तक कि अपराधियों को ढूंढने में भी मदद कर सकती है. लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि यह तकनीक सहमति, निजता और सर्विलांस से जुड़ी कई चिंताएं भी सामने लाती है.

अनजाने में हुई बड़ी खोज

इंसान जहां जहां जाते हैं वहां या तो उनकी चमड़ी या बालों की कोशिकाओं झड़ती हैं. इसके अलावा खांसी में मिली छोटी बूंदों से लेकर शौचालयों में फ्लश किए गए बेकार पानी तक में उनके डीएनए के अंश होते हैं.

पद चिन्ह
समुद्र तट पर मौजूद पद चिन्हों से भी मिल सकता है डीएनएतस्वीर: tana/imago images

हाल के सालों में वैज्ञानिकों द्वारा वन्य जीवों के ईडीएनए को इकठ्ठा करना बढ़ गया है. ऐसा खतरों का सामना कर रही प्रजातियों की मदद करने की उम्मीद से किया गया.

लेकिन इस नए शोध के लिए, फ्लोरिडा विश्वविद्यालय के व्हिटनी लेबोरेटरी फॉर मरीन बायोसाइंस में वैज्ञानिक लुप्तप्राय समुद्री कछुओं के ईडीएनए को इकठ्ठा करने पर अपना ध्यान केंद्रित कर रहे थे.

लेकिन शोधकर्ताओं की इस अंतरराष्ट्रीय टीम ने अनजाने में भारी मात्रा में इंसानी ईडीएनए इकठ्ठा कर लिया, जिसे उन्होंने "ह्यूमन जेनेटिक बाइकैच" कहा. इस प्रोजेक्ट का नेतृत्व करने वाले वन्यजीव रोग जीनोमिक प्रोफेसर डेविड डफी ने कहा कि इकठ्ठा किए गए इंसानी डीएनए की मात्रा और गुणवत्ता से "लगातार आश्चर्यचकित" रहे.

उन्होंने कहा, "अधिकांश मामलों में गुणवत्ता लगभग वैसी है जैसी की तब होती जब हमने सैंपल सीधा किसी व्यक्ति से लिया होता." वैज्ञानिकों ने सैंपल आस पास के समुद्र, नदियों और शहरों से और इंसानी बसावटों से दूर स्थित इलाकों से भी लिए.

हर जगह है डीएनए

जब उन्हें एक भी ऐसा सैंपल नहीं मिला जिसमें इंसानी ईडीएनए ना मिला हुआ हो तो वो फ्लोरिडा के एक ऐसे सुदूर द्वीप पर गए जहां लोगों का जाना प्रतिबंधित है. वहां मानव डीएनए नहीं था, लेकिन फिर टीम का एक सदस्य तट पर नंगे पांव चला. वैज्ञानिकों को फिर रेत में सिर्फ एक पद चिन्ह में से ईडीएनए मिला.

लाखों साल पहले की गई हत्याओं की जांच जारी

03:55

टीम को आयरलैंड में एक नदी के किनारे सिर्फ उसके उद्गम पर स्थित सुदूर एक पहाड़ी नाले के अलावा पूरे रास्ते मानव डीएनए मिला. टीम ने जानवरों के एक अस्पताल से हवा के सैंपल लिए. उसमें भी टीम को वहां के कर्मचारियों, उनके मरीज पशु और पशुओं में आमतौर पर पाए जाने वाले वायरसों का ईडीएनए मिला.

अध्ययन के लेखकों में से एक मार्क मैककौली ने बताया कि डीएनए सैंपलों की सिक्वेंसिंग कर टीम ने यहां तक पता लगा लिया कि किसी व्यक्ति को आटिज्म और मधुमेह जैसी बीमारियों के होने का ज्यादा खतरा है या नहीं.

मैककौली ने एक ऑनलाइन प्रेस वार्ता में बताया, "यह सारा बेहद निजी, पैतृक और स्वास्थ्य संबंधी डाटा वातावरण में मुक्त रूप से उपलब्ध है और वह ठीक इसी समय हमारे इर्द गिर्द हवा में तैर रहा है."

उन्होंने कहा, "हमने अपने सीक्वेंसों का विशेष रूप से इस तरीके से परीक्षण नहीं किया कि हम विशेष लोगों के बारे में जानकारी निकाल सकें, क्योंकि इसमें नैतिक मुद्दे हैं." लेकिन उन्होंने आगे कहा कि भविष्य में ऐसा "निश्चित रूप से" संभव हो सकेगा.

गंभीर चिंताएं

उन्होंने कहा, "सवाल यह है कि उस चरण तक पहुंचने में कितना समय लगेगा." शोधकर्ताओं ने मानव ईडीएनए इकठ्ठा करने के भावी लाभों पर जोर दिया, जैसे शौचालय से निकले पानी में कैंसर की म्युटेशन को ट्रैक करना, लंबे समय से छिपे पुरातात्विक स्थानों को खोजना या जिस कमरे में कोई जुर्म हुआ हो वहां मौजूद मुजरिम के डीएनए का इस्तेमाल कर उसका पता लगा लेना.

जंगलों में ट्रैकिंग के लिए डीएनए का इस्तेमाल

04:23

मेरीलैंड विश्वविद्यालय में कानून की प्रोफेसर नेटली राम का कहना है कि इन खोजों की वजह से "जेनेटिक निजता और पुलिसिंग की उचित सीमाओं को लेकर गंभीर चिंताएं उठनी चाहिए."

अध्ययन पर एक टिप्पणी में उन्होंने लिखा, "अनिच्छा से छोड़ी गई जेनेटिक जानकारी का अन्वेषण के उद्देश्यों के लिए काम लेने से हम सभी पर अनवरत जेनेटिक सर्विलांस का खतरा है." अध्ययन के लेखकों ने उनकी चिंताओं से सहमति व्यक्त की.

मैककौली ने चेतावनी दी कि बिना सहमारी के मानव डीएनए का इस्तेमाल करने से लोगों को ट्रैक किया जा सकेगा या "खतरों का सामना कर रहे समूहों या नस्लीय अल्पसंख्यकों" को निशाना बनाया जा सकेगा.

उनकी टीम ने एक बयान में कहा कि इसी वजह से उन्होंने खतरे की सूचना देने का निश्चय किया और नीति निर्माताओं और वैज्ञानिकों से कहा कि वो इस "नैतिक पहेली" को संबोधित करने वाली नियमों पर काम करना शुरू करें.

सीके/एए (एएफपी) sabhar https://www.dw.com

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मंगलवार, 16 मई 2023

फेसबुक का एकाउंट कैसे करें डिएक्टिवेट

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फेसबुक को डिएक्टिवेट और डिलीट करना दोनों में काफी अंतर है। अगर आप अपना एकाउंट डिलीट करते हैं दोबारा प्रयोग नहीं कर सकते लेकिन अगर आप किसी कारणवश अपना एकाउंट डिएक्टिवेट करते हैं तो उसे दोबारा प्रयोग कर सकते हैं। इस लिए दोनों में कंफ्यूज न हो। फेसबुक एकाउंट डिएक्टिवेट करने के बाद आपके दोस्त उसमें कमेंट नहीं कर सकते है और न ही आपके एकाउंट को देख सकेंगे। सबसे पहले अपने एकाउंट पर लॉगइन करें। एकाउंट डिएक्टिवेट करने के लिए सबसे पहले अपने उम

एकाउंट के मेनू में जाइए, एकाउंट सेटिंग ऑप्शन सिलेक्ट करें एकाउंट सेटिंग में जाकर डिएक्टिवेट योर एकाउट ऑप्शन पर क्लिक करें।

जब आप अपना फेसबुक एकाउंट डिएक्टिवेट कर देंगे आपके एकाउंट में दी गई सारी जानकारी फेसबुक से हटा जाएगी।

कैसे दोबारा एक्टिवेट करें

अपना एकाउंट दोबारा एकाउंट का एक्टिवेट करने के सिर्फ आपको दोबारा अपने एकाउंट में लॉगइन करना होगा। ही आप दोबारा लॉगइन करेंगे आपका एकाउंट दोबारा एक हो जाएगा

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शनिवार, 13 मई 2023

अपने ब्लॉग का ट्रैफ़िक कैसे बढ़ाएँ - आसान तरीका (27 सिद्ध युक्तियाँ

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 वर्डप्रेस जैसे प्लेटफॉर्म के साथ इन दिनों ब्लॉग शुरू करना आसान हो गया है। हालाँकि, एक बार जब यह चालू हो जाता है, तो आपकी अगली बड़ी चुनौती अपने ब्लॉग या वेबसाइट पर अधिक ट्रैफ़िक लाना है।

चिंता न करें, आपको अपने ब्लॉग का प्रचार करने के लिए मार्केटिंग गुरु होने की आवश्यकता नहीं है। आप कुछ सिद्ध सर्वोत्तम प्रथाओं का उपयोग करके अधिक विज़िटर प्राप्त करने के लिए आसानी से अपने ब्लॉग ट्रैफ़िक को बढ़ा सकते हैं।

इस लेख में, हम एक विशेषज्ञ बाज़ारिया की तरह आपके ब्लॉग ट्रैफ़िक को बढ़ाने के लिए कुछ सबसे आसान और सबसे परीक्षित युक्तियों को साझा करेंगे।

Aage dekhe

https://www.wpbeginner.com/beginners-guide/how-to-increase-your-blog-traffic/

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एलन मस्क ट्विटर CEO का पद छोड़ेंगे, महिला को चुना:लिंडा याकारिनो होंगी ट्विटर की नई CEO, मस्क एग्जीक्यूटिव चेयरमैन और CTO होंगे

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 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर को नया CEO मिल गया है। कंपनी के मालिक एलन मस्क ने शुक्रवार (12 मई) को ट्वीट करके इसके बारे में जानकारी दी। उन्होंने लिखा 'मैं ट्विटर के नए CEO के रूप में लिंडा याकारिनो का स्वागत करने के लिए उत्साहित हूं! लिंडा मुख्य रूप से बिजनेस ऑपरेशन्स पर फोकस करेंगी, जबकि मैं प्रोडक्ट डिजाइन और नई टेक्नोलॉजी पर ध्यान केंद्रित करूंगा।

इससे पहले एलन मस्क ने गुरुवार देर रात बताया था कि उन्होंने एक महिला को कंपनी का नया CEO चुना है। वे अगले 6 हफ्तों में कंपनी से जुड़ जाएंगी। मस्क ट्विटर के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन और चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर होंगे। वो लंबे समय से ट्विटर के लिए नए CEO की तलाश में थे। इससे पहले याकारिनो ने पिछले महीने मियामी में एक ऐडवर्टाइजिंग कॉन्फ्रेंस में मस्क का इंटरव्यू लिया था। कॉन्फ्रेंस में याकारिनो ने मस्क के वर्क एथिक की तारीफ की थी।

फॉर्च्यून, फोर्ब्स ने लिंडा को सबसे प्रभावशाली महिला चुना... जानिए इनके बारे में

59 साल की लिंडा NBC यूनिवर्सल मीडिया LLC में ग्लोबल ऐडवर्टाइजिंग एंड पार्टनरशिप्स की चेयरमैन हैं। 2011 में NBC यूनिवर्सल मीडिया से जुड़ने के बाद उन्होंने कंपनी के लिए वन प्लेटफॉर्म क्रिएट किया था। वन प्लेटफॉर्म ने प्रीमियम वीडियो ईकोसिस्टम को बदल दिया। ये प्लेटफॉर्म ऐडवर्टाइजर्स को सभी स्क्रीन और फॉर्मेट में ऑडियंस तक रीच करने में मदद करता है।


एपल, गूगल जैसे ब्रांड्स के साथ कॉमर्शियल पार्टनरशिप के लिए भी लिंडा जानी जाती हैं। वहीं फॉर्च्यून, फोर्ब्स जैसे पब्लिकेशन उन्हें प्रभावशाली और शक्तिशाली महिला चुन चुके हैं। लिंडा के एजुकेशन की बात करें तो उनके पास पेन स्टेट यूनिवर्सिटी से लिबरल आर्ट्स में डिग्री हैं। लिंडा की शादी क्लाउड पीटर माद्राजो से हुई है। दोनों इटैलियन मूल के हैं और न्यूयॉर्क में रहते हैं। sabhar  Bhaskar.com https://www.bhaskar.com/business/news/new-twitter-ceo-will-start-in-6-weeks-says-elon-musk-131273578.html

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शनिवार, 6 मई 2023

योग को पश्चिम दुनिया में मान्यता

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 ✍️.... DrAbhilasha Dwivedi 


बिना चुनौतियों का सामना किए सिद्धांत नहीं बनते

और विज्ञान नहीं माना जाता है।

योग को पश्चिम दुनिया में मान्यता दिलाने वाले

#स्वामी_राम (रामदेव नहीं) और

#स्वामी_शिवानंद_सरस्वती

की चुनौतियों और उनके परीक्षण के बाद

इसे सिद्ध करने के बारे में जानना चाहिए। 

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साठ के दशक में #योग के सामने कठिन दौर था #वैज्ञानिक साबित होने का.

क्योंकि #अमेरिका के #लैब में योग सफल न हुआ तो उसका पश्चिम में प्रवेश निषेध हो जाता.

इसी कठिन दौर में हिमालय के

एक महान #योगी #स्वामी_राम

डॉ एल्मर ग्रीन के बुलावे पर 1969 में अमेरिका जाते हैं.


मैनिन्जर फाउण्डेशन की लेबोरेटरी में उनके योग संबंधी दावों की लंबी जांच पड़ताल चलती है लेकिन

स्वामी राम की पराभौतिक शक्तियों के आगे विज्ञान असंभव को संभव मान लेता है.

परीक्षण के दौरान उन्होंने16 सेकेण्ड के लिए हृदय गति रोक दी लेकिन वे जिन्दा रहे और सबसे बात करते रहे. उन्होंने अपने हथेली के अलग- अलग हिस्से में 11 डिग्री का तापमान अंतर पैदा करके

शरीर विज्ञान के असंभव को संभव कर दिखाया.


लेकिन योग का इससे भी बड़ा एक अचंभा उन्होंने कैमरे में कैद किया.

और वह था चक्र की शक्ति.

शरीर के भीतर षट्चक्रों को विज्ञान कल्पना ही मानता था.

लेकिन स्वामी राम ने दावा किया कि

वे हर चक्र पर

आभामंडल (औरा)

पैदा करेंगे जिसे कैमरे में कैद किया जा सकता है.

उनके हृदय स्थल (अनाहत चक्र)

पर उभरा आभामंडल न सिर्फ कैमरे में कैद हुआ बल्कि विज्ञान के सामने पहली बार योग का षट्चक्र सिद्धांत भी साबित हुआ.

जो अभी तक विज्ञान में कपोल कल्पना समझा जाता था.


स्वामी राम जैसे महान योगियों के कारण आधुनिक दुनिया में योग अपनी वैज्ञानिकता सिद्ध कर सका है.


#Health #Wellness #Yoga #spiritualIndia #7chakras #innerengineering

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बुधवार, 3 मई 2023

ज्योतिष : अद्वैत का विज्ञान

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 💥🌞🌅🌅🌅 सूर्य ग्रहण🌅🌅🌅🌞💥


उन्नीस सौ बीस में चीजेवस्की नाम के एक रूसी वैज्ञानिक ने इस बात की गहरी खोजबीन शुरू की और पाया कि सूरज पर हर ग्यारह वर्षों में पीरियोडिकली बहुत बड़ा विस्फोट होता है। सूर्य पर हर ग्यारह वर्ष में आणविक विस्फोट होता है। और चीजेवस्की ने यह पाया कि जब भी सूरज पर ग्यारह वर्षों में आणविक विस्फोट होता है तभी पृथ्वी पर युद्ध और क्रांतियों के सूत्रपात होते हैं। और उसके अनुसार विगत सात सौ वर्षों के लम्बे इतिहास में सूर्य पर जब भी कभी ऐसी घटना घटी है, तभी पृथ्वी पर दुर्घटनाएं घटी हैं।


चीजेवस्की ने इसका ऐसा वैज्ञानिक विश्लेषण किया था कि स्टैलिन ने उसे उन्नीस सौ बीस में उठाकर जेल मैं डाल दिया था। स्टैलिन के मरने के बाद ही चीजेवस्की छूट सका। क्योंकि स्टैलिन के लिए तो अजीब बात हो गयी! मार्क्स का और कम्‍युनिस्‍टों का खयाल है कि पृथ्वी पर जो क्रांतियां होती हैं उनका मूल कारण मनुष्य—मनुष्य के बीच आर्थिक वैभिन्य है। और चीजेवस्की कहता हैं कि क्रांतियों का कारण सूरज पर हुए विस्फोट हैं।


अब सूरज पर हुए विस्फोट और मनुष्य के जीवन की गरीबी और अमीरी का क्या संबंध? अगर चीजेवस्की ठीक कहता है तो मार्क्स की सारी की सारी व्याख्या मिट्टी में चली जाती है। तब क्रांतियों का कारण वगीर्य नहीं रह जाता, तब क्रांतियों का कारण ज्योतिषीय हो जाता है। चीजेवस्की को गलत तो सिद्ध नहीं किया जा सका क्योंकि सात सौ साल की जो गणना उसने दी थी इतनी वैज्ञानिक थी और सूरज में हुए विस्फोटों के साथ इतना गहरा संबंध उसने पृथ्वी पर घटने वाली घटनाओं का स्थापित किया था कि उसे गलत सिद्ध करना तो कठिन था। लेकिन उसे साइबेरिया में डाल देना आसान था।


स्टैलिन के मर जाने के बाद ही चीजेवस्की को खूश्चेव साइबेरिया से मुक्त कर पाया। इस आदमी के जीवन के कीमती पचास साल साइबेरिया में नष्ट हुए। छूटने के बाद भी वह चार—छह महीने से ज्यादा जीवित नहीं रह सका। लेकिन छह महीने में भी वह अपनी स्थापना के लिए और नये प्रमाण इकट्ठे कर गया। पृथ्वी पर जितनी महामारियां फैलती हैं, उन सबका संबंध भी वह सूरज से जोड़ गया है।


सूरज, जैसा हम साधारणत: सोचते हैं ऐसा कोई निष्कि्रय अग्नि का गोला नहीं है, वरन अत्यन्त सक्रिय और जीवन्त अग्‍नि—संगठन है। और प्रतिपल सूरज की तरंगों में रूपांतरण होते रहते हैं। और सूरज की तरंगों का जरा—सा रूपांतरण भी पृथ्वी के प्राणों को कंपित करता है। इस पृथ्वी पर कुछ भी ऐसा घटित नहीं होता जो सूरज पर घटित हुए बिना घटित हो जाता हो।


जब सूर्य का ग्रहण होता है तो पक्षी जंगलों में गीत गाना चौबीस घण्टे पहले से ही बन्द कर देते हैं। पूरे ग्रहण के समय तो सारी पृथ्वी मौन हो जाती है, पक्षी गीत गाना बन्द कर देते हैं और सारे जंगलों के जानवर भयभीत हो जाते हैं, किसी बड़ी आशंका से पीड़ित हो जाते हैं।


बन्दर वृक्षों को छोड्कर नीचे आ जाते हैं। वे भीड़ लगाकर किसी सुरक्षा का उपाय करने लगते है। और एक आश्रर्य कि बन्दर जो निंरत्तर बातचीत और शोर—गुल में लगे रहते हैं, सूर्य ग्रहण के वक्त इतने मौन हो जाते हैं जितने कि साधु और संन्यासी भी ध्यान में नहीं होते हैं! चीजेवस्की ने ये सारी की सारी बातें स्थापित की हैं।


🔥आचार्य श्री रजनीश(ओशो)🔥


*ज्योतिष : अद्वैत का विज्ञान*

प्रवचन – १ sabhar Sonia singh Factbook wall

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