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सोमवार, 22 मई 2023

2023 के लिए कुछ नवीनतम तकनीकों के रुझान हैं।

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प्रौद्योगिकी हमारे दैनिक जीवन में महत्वपूर्ण है। इसका सीधा असर हमारे एक-दूसरे से संवाद करने और नई चीजें सीखने के तरीके पर पड़ता है। विशेष रूप से वर्ष 2020 नवीनतम तकनीकों को अपनाने के लिए लोगों को परिचित कराने में बहुत महत्वपूर्ण था।


लिंक्डइन की 'जॉब्स ऑन द राइज़ - यूएस'1 रिपोर्ट के आधार पर, डिजिटल कौशल की मांग बढ़ रही है। यह उम्मीद https://www.mygreatlearning.com/blog/latest-technologies-you-should-learn

की जाती है कि अगले 5 वर्षों में विश्व स्तर पर 150M प्रौद्योगिकी से संबंधित नौकरियां जोड़ी जाएंगी। अब जब हम 2021 में चले गए हैं, तो बहुत सारी नई प्रौद्योगिकियां हैं जो नवाचार के भविष्य को आकार देंगी। इस ब्लॉग में 2023 के लिए कुछ नवीनतम तकनीकों के रुझान हैं।


6 नवीनतम तकनीकें जो आपको 2023 में सीखनी चाहिए

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग

डेटा साइंस एंड एनालिटिक्स

5जी

इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT)

साइबर सुरक्षा

आभासी वास्तविकता

1. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड मशीन लर्निंग

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रैक्टिशनर्स के लिए जॉब रोल्स में 2019 और 2020 के बीच 32% हायरिंग ग्रोथ देखी गई। इसका मतलब है कि यह तकनीक यहां रहने के लिए है। लिंक्डिन की इमर्जिंग जॉब रिपोर्ट 20202 में एआई विशेषज्ञ की भूमिका को #1 स्थान दिया गया था और महामारी के साथ, कई कंपनियों ने एआई को लागू करना शुरू कर दिया है।


एक और नवीनतम तकनीक जिसे आप 2021 में सीखने पर विचार कर सकते हैं, वह है मशीन लर्निंग। सिरी, एलेक्सा और चैटबॉट्स को किसी परिचय की आवश्यकता नहीं है क्योंकि हम उस बिंदु से आगे बढ़ चुके हैं। आज हम बात कर रहे हैं सेल्फ-ड्राइविंग कार, रोबोट जो स्वास्थ्य सेवा में मदद कर सकते हैं और ऑनलाइन धोखाधड़ी का पता लगा सकते हैं। मशीन लर्निंग को विभिन्न उद्योगों में लागू किया जा सकता है जो इस नई तकनीक को सीखने का एक अतिरिक्त लाभ है।




यह यूएस के शीर्ष विश्वविद्यालयों में से एक: टेक्सास मैककॉम्ब्स का 6 महीने का कार्यक्रम है और इसे ग्रेट लर्निंग के सहयोग से पेश किया जाता है। इसके व्यापक पाठ्यक्रम में मैककॉम्ब्स संकाय द्वारा रिकॉर्ड किए गए वीडियो व्याख्यान, उद्योग विशेषज्ञों के साथ साप्ताहिक बातचीत, व्यवस्थापक और पाठ्यक्रम से संबंधित सहायता के लिए कार्यक्रम प्रबंधक समर्थन, 8+ प्रोजेक्ट शामिल हैं जो आपको वास्तविक समय में एआई और मशीन लर्निंग अवधारणाओं को लागू करने के लिए व्यावहारिक ज्ञान से लैस करेंगे। व्यापार परियोजनाओं।




2. डेटा साइंस एंड एनालिटिक्स

डेटा साइंस इज द सेक्सिएस्ट जॉब अब एक पुराना बयान बन गया है। Statista3 की एक रिपोर्ट के अनुसार, बिग डेटा एप्लिकेशन और एनालिटिक्स से राजस्व 2018 में $5.3B से बढ़कर 2026 में $19.4B होने की उम्मीद है। डेटा वैज्ञानिक की नौकरी भूमिका किसी भी सर्वेक्षण में शीर्ष 3 में बनी रहती है, चाहे वह कोई भी हो लिंक्डइन या ग्लासडोर द्वारा। विभिन्न उद्योगों में इसके अनुप्रयोग के साथ: वित्त, आईटी, स्वास्थ्य और अन्य, यह नवीनतम तकनीक है जिसे आपको 2021 में सीखना चाहिए।


इसे कहां से सीखें: डेटा साइंस एंड बिजनेस एनालिटिक्स में पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम


अमेरिका के अग्रणी विश्वविद्यालयों में से एक द्वारा पेश किया गया, यह 6 महीने का कार्यक्रम टेक्सास मैककॉम्ब्स द्वारा पेश किया जाता है और ग्रेट लर्निंग के सहयोग से दिया जाता है। पाठ्यक्रम आपको पायथन फाउंडेशन की स्थापना, व्यवसाय सांख्यिकी, झांकी के साथ डेटा विज़ुअलाइज़ेशन, समेकन तकनीकों, पर्यवेक्षित और अनुपयोगी शिक्षा और बहुत कुछ जैसे विषयों के माध्यम से ले जाएगा।




3. 5जी

जैसा कि नाम से पता चलता है, 5G मोबाइल नेटवर्क की 5वीं पीढ़ी के लिए है। यह 2021 की सबसे प्रतीक्षित नवीनतम तकनीक है क्योंकि यह कनेक्टिविटी की उच्च गति प्रदान करेगी और आपको एक समय में कई वस्तुओं को जोड़ने की शक्ति प्रदान करेगी। यह वर्तमान 4जी की तुलना में शक्तिशाली रूप से तेज होगा, जो 20 जीबीपीएस पीक डेटा दरों और 100+ एमबीपीएस औसत डेटा दरों को डिलीवर करेगा। अमेरिका, चीन और दक्षिण कोरिया 5G तकनीक को तैनात करने में दुनिया का नेतृत्व कर रहे हैं। कहने की जरूरत नहीं है कि एक बार यह नवीनतम तकनीक आने के बाद सैमसंग, हुआवेई, क्वालकॉम इत्यादि जैसी दूरसंचार कंपनियों में पेशेवरों के लिए नौकरियां पैदा होंगी।


4. इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT)

आईओटी वास्तव में क्या है?


जैसा कि टेकयूके के कार्यक्रम प्रमुख मैथ्यू इवांस कहते हैं - "बस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स उपकरणों से बना है - साधारण सेंसर से लेकर स्मार्टफोन और वियरेबल्स तक - एक साथ जुड़े हुए हैं।"


IoT कई उपकरणों के बीच कनेक्शन स्थापित करता है और उनके दूरस्थ उपयोग को भी सक्षम बनाता है। उदाहरण के लिए, आपकी फ़िटनेस ट्रैकर घड़ी आपके द्वारा बर्न की गई कैलोरी, वॉइस असिस्टेंट, स्मार्ट उपकरण, सभी IoT पर चलने वाले ट्रैक कर सकती है। Cisco4 के एक लेख में, यह भविष्यवाणी की गई है कि 2025 तक, 75 बिलियन से अधिक IoT डिवाइस वेब से जुड़ जाएंगे, इस प्रकार इस तकनीक के अनुप्रयोग का विस्तार होगा। इस नवीनतम तकनीक के टेक बाजार में अगली बड़ी चीज होने की उम्मीद है।'


5. साइबर सुरक्षा

लगभग हर उद्योग बड़े डिजिटल परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है, साइबर हमलों के बारे में जागरूकता निश्चित रूप से है। इंटरनेट पर हर चीज पर हमला किया जा सकता है और डेटा से समझौता किया जा सकता है। यह एक है sabhar https://www.mygreatlearning.com/blog/latest-technologies-you-should-learn/

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रविवार, 21 मई 2023

भारत क्लाउड बाजार में 13 अरब डॉलर लगाएगी अमेजन

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 अमेजन डॉट कॉम की क्लाउड कंप्यूटिंग यूनिट ने 2030 तक भारत में 13 अरब डॉलर के निवेश का एलान किया है. जेफ बेजोस की कंपनी अब तक भारत के ई-कॉमर्स बाजार में 6.5 अरब डॉलर का निवेश कर चुकी है. बीते सालों में भारत में अमेजन का कारोबार तेजी से फैला है, लेकिन कंपनी के सामने कड़े नियम कायदों की चुनौतियां भी खड़ी हैं.

अमेजन वेब सर्विस का दावा है कि क्लाउड कंप्यूटिंग यूनिट में निवेश से भारत में 1,00,000 फुल टाइम नौकरियां पैदा होंगी. फिलहाल भारतीय उपमहाद्वीप में अमेजन के दो डाटा सेंटर चल रहे हैं. पहला 2016 में मुंबई में लॉन्च किया गया था और दूसरा 2022 में हैदराबाद में.

तेजी से बढ़ता क्लाउड बाजार

अमेजन का क्लाउड प्लेटफॉर्म स्टोरेज, नेटवर्किंग और एआई समेत 200 से ज्यादा सर्विसेज मुहैया कराता है. भारत के कॉरपोरेट सेक्टर और सरकारी सेक्टर में डाटा स्टोरेज और क्लाउड सर्विसेज की बड़ी मांग है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रियल टाइम अपडेट और रोबोटिक्स में तेज डाटा स्ट्रीमिंग खासी अहमियत है.

मार्केट इंटेलिजेंस प्रोवाइडर आईडीसी के मुताबिक भारत का पब्लिक क्लाउड सर्विस मार्केट 2026 तक 13 अरब डॉलर का हो जायेगा. बीते दो साल से यह बाजार 23.1 फीसदी की दर से विकास कर रहा है और यह उछाल अगले तीन साल तक जारी रहने का अनुमान 


एमेजॉन इंडिया

भारत क्लाउड बाजार में 13 अरब डॉलर लगाएगी अमेजन

१९ मई २०२३

भारत में ऐसा क्या हो रहा है कि माइक्रोसॉफ्ट, अल्फाबेट और अमेजन जैसी दिग्गज कंपनियां वहां अरबों डॉलर का निवेश कर रही हैं.

https://p.dw.com/p/4RYhx

अमेजन डॉट कॉम की क्लाउड कंप्यूटिंग यूनिट ने 2030 तक भारत में 13 अरब डॉलर के निवेश का एलान किया है. जेफ बेजोस की कंपनी अब तक भारत के ई-कॉमर्स बाजार में 6.5 अरब डॉलर का निवेश कर चुकी है. बीते सालों में भारत में अमेजन का कारोबार तेजी से फैला है, लेकिन कंपनी के सामने कड़े नियम कायदों की चुनौतियां भी खड़ी हैं.

अमेजन वेब सर्विस का दावा है कि क्लाउड कंप्यूटिंग यूनिट में निवेश से भारत में 1,00,000 फुल टाइम नौकरियां पैदा होंगी. फिलहाल भारतीय उपमहाद्वीप में अमेजन के दो डाटा सेंटर चल रहे हैं. पहला 2016 में मुंबई में लॉन्च किया गया था और दूसरा 2022 में हैदराबाद में.

क्लाउड सर्विसेज में जारी है तेज बढ़त
क्लाउड सर्विसेज में जारी है तेज बढ़ततस्वीर: dropbox

तेजी से बढ़ता क्लाउड बाजार

अमेजन का क्लाउड प्लेटफॉर्म स्टोरेज, नेटवर्किंग और एआई समेत 200 से ज्यादा सर्विसेज मुहैया कराता है. भारत के कॉरपोरेट सेक्टर और सरकारी सेक्टर में डाटा स्टोरेज और क्लाउड सर्विसेज की बड़ी मांग है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रियल टाइम अपडेट और रोबोटिक्स में तेज डाटा स्ट्रीमिंग खासी अहमियत है.

मार्केट इंटेलिजेंस प्रोवाइडर आईडीसी के मुताबिक भारत का पब्लिक क्लाउड सर्विस मार्केट 2026 तक 13 अरब डॉलर का हो जायेगा. बीते दो साल से यह बाजार 23.1 फीसदी की दर से विकास कर रहा है और यह उछाल अगले तीन साल तक जारी रहने का अनुमान है.

डिजिटल सेवाओं के विस्तार के लिए क्लाउड सर्विसेज बहुत जरूरी हैं
डिजिटल सेवाओं के विस्तार के लिए क्लाउड सर्विसेज बहुत जरूरी हैंतस्वीर: Payel Samanta/DW

"डाटा लोकली स्टोर करें"

कई साल लंबी बातचीत के बाद भाारत में खुल रहे हैं एप्पल के स्टोर
कई साल लंबी बातचीत के बाद भाारत में खुल रहे हैं एप्पल के स्टोरतस्वीर: Rouf Fida/DW

हाल के बरसों में माइक्रोसॉफ्ट और अल्फाबेट (गूगल) ने भी भारत के क्लाउड बाजार में बड़ा निवेश किया है. भारत सरकार ने बड़ी टेक कंपनियों पर भारतीयों का डाटा भारत में स्टोर करने का दबाव डाला है. इस निवेश को उसी का नतीजा बताया जा रहा है. सरकार फिलहाल क्लाउड स्टोरेज सेक्टर को नियमित करने के लिए क्लाउड एंड डाटा सेंटर पॉलिस तैयार कर रही ह

चीन से भारत का रास्ता

भारत एशिया की सबसे तेजी से विकास करती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है. बड़े बाजार, सबसे ज्यादा जनसंख्या और चीन के साथ पश्चिमी देशों के तनाव के कारण अब दिग्गज टेक कंपनियां भारत में बड़ा निवेश कर रही हैं.

मई 2023 में अमेरिका की नेटवर्किंग इक्विपमेंट मेकिंग कंपनी, सिस्को सिस्टम्स ने भारत में मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने का ऐलान किया. सप्लाई चेन में चीन पर निर्भरता घटाने के लिये सिस्को भारत में एक अरब डॉलर का निवेश करेगी.

एप्पल की सप्लायर फॉक्सकॉन भी तेलंगाना में 50 करोड़ डॉलर से एक प्लांट बनाने का ऐलान कर चुकी है. दिग्गज अमेरिकी रिटेल कंपनी वॉलमार्ट ने भी 2027 के आखिर तक भारत से 10 अरब डॉलर का माल निर्यात करने का ऐलान किया है.

ओएसजे/एए (रॉयटर्स) sabhar https://www.dw.com/hi/why-big-it-companies-are-investing-in-india/a-65673621

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शुक्रवार, 19 मई 2023

शरीर से झड़े हुए डीएनए का जासूसी के लिए हो सकता है इस्तेमाल

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 इंसान जहां भी जाते हैं उनका डीएनए उन स्थानों पर झड़ता रहता है. वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि डीएनए के इन झड़े हुए अंशों का इस्तेमाल लोगों या पूरे के पूरे नस्लीय समूह को ट्रैक करने के लिए किया जा सकता है.

सिर्फ इंसान ही नहीं बल्कि जानवर भी जहां जाते हैं वहां अपने डीएनए के अंश छोड़ जाते हैं. इसे पर्यावरणीय डीएनए या ईडीएनए कहा जाता है. हाल ही में विकसित की गई एक तकनीक ईडीएनए में से भारी मात्रा में जानकारी निकाल सकती है.

नेचर इकोलॉजी एंड एवोल्यूशन पत्रिका में छपे एक अध्ययन के लेखकों के मुताबिक यह नई तकनीक कई मेडिकल और वैज्ञानिक तरक्कियों की तरफ ले जा सकती है और यहां तक कि अपराधियों को ढूंढने में भी मदद कर सकती है. लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि यह तकनीक सहमति, निजता और सर्विलांस से जुड़ी कई चिंताएं भी सामने लाती है.

अनजाने में हुई बड़ी खोज

इंसान जहां जहां जाते हैं वहां या तो उनकी चमड़ी या बालों की कोशिकाओं झड़ती हैं. इसके अलावा खांसी में मिली छोटी बूंदों से लेकर शौचालयों में फ्लश किए गए बेकार पानी तक में उनके डीएनए के अंश होते हैं.


डीएनए
विज्ञानसंयुक्त राज्य अमेरिका

शरीर से झड़े हुए डीएनए का जासूसी के लिए हो सकता है इस्तेमाल

१७ मई २०२३

इंसान जहां भी जाते हैं उनका डीएनए उन स्थानों पर झड़ता रहता है. वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि डीएनए के इन झड़े हुए अंशों का इस्तेमाल लोगों या पूरे के पूरे नस्लीय समूह को ट्रैक करने के लिए किया जा सकता है.

https://p.dw.com/p/4RUyP

सिर्फ इंसान ही नहीं बल्कि जानवर भी जहां जाते हैं वहां अपने डीएनए के अंश छोड़ जाते हैं. इसे पर्यावरणीय डीएनए या ईडीएनए कहा जाता है. हाल ही में विकसित की गई एक तकनीक ईडीएनए में से भारी मात्रा में जानकारी निकाल सकती है.

नेचर इकोलॉजी एंड एवोल्यूशन पत्रिका में छपे एक अध्ययन के लेखकों के मुताबिक यह नई तकनीक कई मेडिकल और वैज्ञानिक तरक्कियों की तरफ ले जा सकती है और यहां तक कि अपराधियों को ढूंढने में भी मदद कर सकती है. लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि यह तकनीक सहमति, निजता और सर्विलांस से जुड़ी कई चिंताएं भी सामने लाती है.

अनजाने में हुई बड़ी खोज

इंसान जहां जहां जाते हैं वहां या तो उनकी चमड़ी या बालों की कोशिकाओं झड़ती हैं. इसके अलावा खांसी में मिली छोटी बूंदों से लेकर शौचालयों में फ्लश किए गए बेकार पानी तक में उनके डीएनए के अंश होते हैं.

पद चिन्ह
समुद्र तट पर मौजूद पद चिन्हों से भी मिल सकता है डीएनएतस्वीर: tana/imago images

हाल के सालों में वैज्ञानिकों द्वारा वन्य जीवों के ईडीएनए को इकठ्ठा करना बढ़ गया है. ऐसा खतरों का सामना कर रही प्रजातियों की मदद करने की उम्मीद से किया गया.

लेकिन इस नए शोध के लिए, फ्लोरिडा विश्वविद्यालय के व्हिटनी लेबोरेटरी फॉर मरीन बायोसाइंस में वैज्ञानिक लुप्तप्राय समुद्री कछुओं के ईडीएनए को इकठ्ठा करने पर अपना ध्यान केंद्रित कर रहे थे.

लेकिन शोधकर्ताओं की इस अंतरराष्ट्रीय टीम ने अनजाने में भारी मात्रा में इंसानी ईडीएनए इकठ्ठा कर लिया, जिसे उन्होंने "ह्यूमन जेनेटिक बाइकैच" कहा. इस प्रोजेक्ट का नेतृत्व करने वाले वन्यजीव रोग जीनोमिक प्रोफेसर डेविड डफी ने कहा कि इकठ्ठा किए गए इंसानी डीएनए की मात्रा और गुणवत्ता से "लगातार आश्चर्यचकित" रहे.

उन्होंने कहा, "अधिकांश मामलों में गुणवत्ता लगभग वैसी है जैसी की तब होती जब हमने सैंपल सीधा किसी व्यक्ति से लिया होता." वैज्ञानिकों ने सैंपल आस पास के समुद्र, नदियों और शहरों से और इंसानी बसावटों से दूर स्थित इलाकों से भी लिए.

हर जगह है डीएनए

जब उन्हें एक भी ऐसा सैंपल नहीं मिला जिसमें इंसानी ईडीएनए ना मिला हुआ हो तो वो फ्लोरिडा के एक ऐसे सुदूर द्वीप पर गए जहां लोगों का जाना प्रतिबंधित है. वहां मानव डीएनए नहीं था, लेकिन फिर टीम का एक सदस्य तट पर नंगे पांव चला. वैज्ञानिकों को फिर रेत में सिर्फ एक पद चिन्ह में से ईडीएनए मिला.

लाखों साल पहले की गई हत्याओं की जांच जारी

03:55

टीम को आयरलैंड में एक नदी के किनारे सिर्फ उसके उद्गम पर स्थित सुदूर एक पहाड़ी नाले के अलावा पूरे रास्ते मानव डीएनए मिला. टीम ने जानवरों के एक अस्पताल से हवा के सैंपल लिए. उसमें भी टीम को वहां के कर्मचारियों, उनके मरीज पशु और पशुओं में आमतौर पर पाए जाने वाले वायरसों का ईडीएनए मिला.

अध्ययन के लेखकों में से एक मार्क मैककौली ने बताया कि डीएनए सैंपलों की सिक्वेंसिंग कर टीम ने यहां तक पता लगा लिया कि किसी व्यक्ति को आटिज्म और मधुमेह जैसी बीमारियों के होने का ज्यादा खतरा है या नहीं.

मैककौली ने एक ऑनलाइन प्रेस वार्ता में बताया, "यह सारा बेहद निजी, पैतृक और स्वास्थ्य संबंधी डाटा वातावरण में मुक्त रूप से उपलब्ध है और वह ठीक इसी समय हमारे इर्द गिर्द हवा में तैर रहा है."

उन्होंने कहा, "हमने अपने सीक्वेंसों का विशेष रूप से इस तरीके से परीक्षण नहीं किया कि हम विशेष लोगों के बारे में जानकारी निकाल सकें, क्योंकि इसमें नैतिक मुद्दे हैं." लेकिन उन्होंने आगे कहा कि भविष्य में ऐसा "निश्चित रूप से" संभव हो सकेगा.

गंभीर चिंताएं

उन्होंने कहा, "सवाल यह है कि उस चरण तक पहुंचने में कितना समय लगेगा." शोधकर्ताओं ने मानव ईडीएनए इकठ्ठा करने के भावी लाभों पर जोर दिया, जैसे शौचालय से निकले पानी में कैंसर की म्युटेशन को ट्रैक करना, लंबे समय से छिपे पुरातात्विक स्थानों को खोजना या जिस कमरे में कोई जुर्म हुआ हो वहां मौजूद मुजरिम के डीएनए का इस्तेमाल कर उसका पता लगा लेना.

जंगलों में ट्रैकिंग के लिए डीएनए का इस्तेमाल

04:23

मेरीलैंड विश्वविद्यालय में कानून की प्रोफेसर नेटली राम का कहना है कि इन खोजों की वजह से "जेनेटिक निजता और पुलिसिंग की उचित सीमाओं को लेकर गंभीर चिंताएं उठनी चाहिए."

अध्ययन पर एक टिप्पणी में उन्होंने लिखा, "अनिच्छा से छोड़ी गई जेनेटिक जानकारी का अन्वेषण के उद्देश्यों के लिए काम लेने से हम सभी पर अनवरत जेनेटिक सर्विलांस का खतरा है." अध्ययन के लेखकों ने उनकी चिंताओं से सहमति व्यक्त की.

मैककौली ने चेतावनी दी कि बिना सहमारी के मानव डीएनए का इस्तेमाल करने से लोगों को ट्रैक किया जा सकेगा या "खतरों का सामना कर रहे समूहों या नस्लीय अल्पसंख्यकों" को निशाना बनाया जा सकेगा.

उनकी टीम ने एक बयान में कहा कि इसी वजह से उन्होंने खतरे की सूचना देने का निश्चय किया और नीति निर्माताओं और वैज्ञानिकों से कहा कि वो इस "नैतिक पहेली" को संबोधित करने वाली नियमों पर काम करना शुरू करें.

सीके/एए (एएफपी) sabhar https://www.dw.com

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मंगलवार, 16 मई 2023

फेसबुक का एकाउंट कैसे करें डिएक्टिवेट

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फेसबुक को डिएक्टिवेट और डिलीट करना दोनों में काफी अंतर है। अगर आप अपना एकाउंट डिलीट करते हैं दोबारा प्रयोग नहीं कर सकते लेकिन अगर आप किसी कारणवश अपना एकाउंट डिएक्टिवेट करते हैं तो उसे दोबारा प्रयोग कर सकते हैं। इस लिए दोनों में कंफ्यूज न हो। फेसबुक एकाउंट डिएक्टिवेट करने के बाद आपके दोस्त उसमें कमेंट नहीं कर सकते है और न ही आपके एकाउंट को देख सकेंगे। सबसे पहले अपने एकाउंट पर लॉगइन करें। एकाउंट डिएक्टिवेट करने के लिए सबसे पहले अपने उम

एकाउंट के मेनू में जाइए, एकाउंट सेटिंग ऑप्शन सिलेक्ट करें एकाउंट सेटिंग में जाकर डिएक्टिवेट योर एकाउट ऑप्शन पर क्लिक करें।

जब आप अपना फेसबुक एकाउंट डिएक्टिवेट कर देंगे आपके एकाउंट में दी गई सारी जानकारी फेसबुक से हटा जाएगी।

कैसे दोबारा एक्टिवेट करें

अपना एकाउंट दोबारा एकाउंट का एक्टिवेट करने के सिर्फ आपको दोबारा अपने एकाउंट में लॉगइन करना होगा। ही आप दोबारा लॉगइन करेंगे आपका एकाउंट दोबारा एक हो जाएगा

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शनिवार, 13 मई 2023

अपने ब्लॉग का ट्रैफ़िक कैसे बढ़ाएँ - आसान तरीका (27 सिद्ध युक्तियाँ

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 वर्डप्रेस जैसे प्लेटफॉर्म के साथ इन दिनों ब्लॉग शुरू करना आसान हो गया है। हालाँकि, एक बार जब यह चालू हो जाता है, तो आपकी अगली बड़ी चुनौती अपने ब्लॉग या वेबसाइट पर अधिक ट्रैफ़िक लाना है।

चिंता न करें, आपको अपने ब्लॉग का प्रचार करने के लिए मार्केटिंग गुरु होने की आवश्यकता नहीं है। आप कुछ सिद्ध सर्वोत्तम प्रथाओं का उपयोग करके अधिक विज़िटर प्राप्त करने के लिए आसानी से अपने ब्लॉग ट्रैफ़िक को बढ़ा सकते हैं।

इस लेख में, हम एक विशेषज्ञ बाज़ारिया की तरह आपके ब्लॉग ट्रैफ़िक को बढ़ाने के लिए कुछ सबसे आसान और सबसे परीक्षित युक्तियों को साझा करेंगे।

Aage dekhe

https://www.wpbeginner.com/beginners-guide/how-to-increase-your-blog-traffic/

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एलन मस्क ट्विटर CEO का पद छोड़ेंगे, महिला को चुना:लिंडा याकारिनो होंगी ट्विटर की नई CEO, मस्क एग्जीक्यूटिव चेयरमैन और CTO होंगे

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 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर को नया CEO मिल गया है। कंपनी के मालिक एलन मस्क ने शुक्रवार (12 मई) को ट्वीट करके इसके बारे में जानकारी दी। उन्होंने लिखा 'मैं ट्विटर के नए CEO के रूप में लिंडा याकारिनो का स्वागत करने के लिए उत्साहित हूं! लिंडा मुख्य रूप से बिजनेस ऑपरेशन्स पर फोकस करेंगी, जबकि मैं प्रोडक्ट डिजाइन और नई टेक्नोलॉजी पर ध्यान केंद्रित करूंगा।

इससे पहले एलन मस्क ने गुरुवार देर रात बताया था कि उन्होंने एक महिला को कंपनी का नया CEO चुना है। वे अगले 6 हफ्तों में कंपनी से जुड़ जाएंगी। मस्क ट्विटर के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन और चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर होंगे। वो लंबे समय से ट्विटर के लिए नए CEO की तलाश में थे। इससे पहले याकारिनो ने पिछले महीने मियामी में एक ऐडवर्टाइजिंग कॉन्फ्रेंस में मस्क का इंटरव्यू लिया था। कॉन्फ्रेंस में याकारिनो ने मस्क के वर्क एथिक की तारीफ की थी।

फॉर्च्यून, फोर्ब्स ने लिंडा को सबसे प्रभावशाली महिला चुना... जानिए इनके बारे में

59 साल की लिंडा NBC यूनिवर्सल मीडिया LLC में ग्लोबल ऐडवर्टाइजिंग एंड पार्टनरशिप्स की चेयरमैन हैं। 2011 में NBC यूनिवर्सल मीडिया से जुड़ने के बाद उन्होंने कंपनी के लिए वन प्लेटफॉर्म क्रिएट किया था। वन प्लेटफॉर्म ने प्रीमियम वीडियो ईकोसिस्टम को बदल दिया। ये प्लेटफॉर्म ऐडवर्टाइजर्स को सभी स्क्रीन और फॉर्मेट में ऑडियंस तक रीच करने में मदद करता है।


एपल, गूगल जैसे ब्रांड्स के साथ कॉमर्शियल पार्टनरशिप के लिए भी लिंडा जानी जाती हैं। वहीं फॉर्च्यून, फोर्ब्स जैसे पब्लिकेशन उन्हें प्रभावशाली और शक्तिशाली महिला चुन चुके हैं। लिंडा के एजुकेशन की बात करें तो उनके पास पेन स्टेट यूनिवर्सिटी से लिबरल आर्ट्स में डिग्री हैं। लिंडा की शादी क्लाउड पीटर माद्राजो से हुई है। दोनों इटैलियन मूल के हैं और न्यूयॉर्क में रहते हैं। sabhar  Bhaskar.com https://www.bhaskar.com/business/news/new-twitter-ceo-will-start-in-6-weeks-says-elon-musk-131273578.html

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शनिवार, 6 मई 2023

योग को पश्चिम दुनिया में मान्यता

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 ✍️.... DrAbhilasha Dwivedi 


बिना चुनौतियों का सामना किए सिद्धांत नहीं बनते

और विज्ञान नहीं माना जाता है।

योग को पश्चिम दुनिया में मान्यता दिलाने वाले

#स्वामी_राम (रामदेव नहीं) और

#स्वामी_शिवानंद_सरस्वती

की चुनौतियों और उनके परीक्षण के बाद

इसे सिद्ध करने के बारे में जानना चाहिए। 

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साठ के दशक में #योग के सामने कठिन दौर था #वैज्ञानिक साबित होने का.

क्योंकि #अमेरिका के #लैब में योग सफल न हुआ तो उसका पश्चिम में प्रवेश निषेध हो जाता.

इसी कठिन दौर में हिमालय के

एक महान #योगी #स्वामी_राम

डॉ एल्मर ग्रीन के बुलावे पर 1969 में अमेरिका जाते हैं.


मैनिन्जर फाउण्डेशन की लेबोरेटरी में उनके योग संबंधी दावों की लंबी जांच पड़ताल चलती है लेकिन

स्वामी राम की पराभौतिक शक्तियों के आगे विज्ञान असंभव को संभव मान लेता है.

परीक्षण के दौरान उन्होंने16 सेकेण्ड के लिए हृदय गति रोक दी लेकिन वे जिन्दा रहे और सबसे बात करते रहे. उन्होंने अपने हथेली के अलग- अलग हिस्से में 11 डिग्री का तापमान अंतर पैदा करके

शरीर विज्ञान के असंभव को संभव कर दिखाया.


लेकिन योग का इससे भी बड़ा एक अचंभा उन्होंने कैमरे में कैद किया.

और वह था चक्र की शक्ति.

शरीर के भीतर षट्चक्रों को विज्ञान कल्पना ही मानता था.

लेकिन स्वामी राम ने दावा किया कि

वे हर चक्र पर

आभामंडल (औरा)

पैदा करेंगे जिसे कैमरे में कैद किया जा सकता है.

उनके हृदय स्थल (अनाहत चक्र)

पर उभरा आभामंडल न सिर्फ कैमरे में कैद हुआ बल्कि विज्ञान के सामने पहली बार योग का षट्चक्र सिद्धांत भी साबित हुआ.

जो अभी तक विज्ञान में कपोल कल्पना समझा जाता था.


स्वामी राम जैसे महान योगियों के कारण आधुनिक दुनिया में योग अपनी वैज्ञानिकता सिद्ध कर सका है.


#Health #Wellness #Yoga #spiritualIndia #7chakras #innerengineering

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बुधवार, 3 मई 2023

ज्योतिष : अद्वैत का विज्ञान

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 💥🌞🌅🌅🌅 सूर्य ग्रहण🌅🌅🌅🌞💥


उन्नीस सौ बीस में चीजेवस्की नाम के एक रूसी वैज्ञानिक ने इस बात की गहरी खोजबीन शुरू की और पाया कि सूरज पर हर ग्यारह वर्षों में पीरियोडिकली बहुत बड़ा विस्फोट होता है। सूर्य पर हर ग्यारह वर्ष में आणविक विस्फोट होता है। और चीजेवस्की ने यह पाया कि जब भी सूरज पर ग्यारह वर्षों में आणविक विस्फोट होता है तभी पृथ्वी पर युद्ध और क्रांतियों के सूत्रपात होते हैं। और उसके अनुसार विगत सात सौ वर्षों के लम्बे इतिहास में सूर्य पर जब भी कभी ऐसी घटना घटी है, तभी पृथ्वी पर दुर्घटनाएं घटी हैं।


चीजेवस्की ने इसका ऐसा वैज्ञानिक विश्लेषण किया था कि स्टैलिन ने उसे उन्नीस सौ बीस में उठाकर जेल मैं डाल दिया था। स्टैलिन के मरने के बाद ही चीजेवस्की छूट सका। क्योंकि स्टैलिन के लिए तो अजीब बात हो गयी! मार्क्स का और कम्‍युनिस्‍टों का खयाल है कि पृथ्वी पर जो क्रांतियां होती हैं उनका मूल कारण मनुष्य—मनुष्य के बीच आर्थिक वैभिन्य है। और चीजेवस्की कहता हैं कि क्रांतियों का कारण सूरज पर हुए विस्फोट हैं।


अब सूरज पर हुए विस्फोट और मनुष्य के जीवन की गरीबी और अमीरी का क्या संबंध? अगर चीजेवस्की ठीक कहता है तो मार्क्स की सारी की सारी व्याख्या मिट्टी में चली जाती है। तब क्रांतियों का कारण वगीर्य नहीं रह जाता, तब क्रांतियों का कारण ज्योतिषीय हो जाता है। चीजेवस्की को गलत तो सिद्ध नहीं किया जा सका क्योंकि सात सौ साल की जो गणना उसने दी थी इतनी वैज्ञानिक थी और सूरज में हुए विस्फोटों के साथ इतना गहरा संबंध उसने पृथ्वी पर घटने वाली घटनाओं का स्थापित किया था कि उसे गलत सिद्ध करना तो कठिन था। लेकिन उसे साइबेरिया में डाल देना आसान था।


स्टैलिन के मर जाने के बाद ही चीजेवस्की को खूश्चेव साइबेरिया से मुक्त कर पाया। इस आदमी के जीवन के कीमती पचास साल साइबेरिया में नष्ट हुए। छूटने के बाद भी वह चार—छह महीने से ज्यादा जीवित नहीं रह सका। लेकिन छह महीने में भी वह अपनी स्थापना के लिए और नये प्रमाण इकट्ठे कर गया। पृथ्वी पर जितनी महामारियां फैलती हैं, उन सबका संबंध भी वह सूरज से जोड़ गया है।


सूरज, जैसा हम साधारणत: सोचते हैं ऐसा कोई निष्कि्रय अग्नि का गोला नहीं है, वरन अत्यन्त सक्रिय और जीवन्त अग्‍नि—संगठन है। और प्रतिपल सूरज की तरंगों में रूपांतरण होते रहते हैं। और सूरज की तरंगों का जरा—सा रूपांतरण भी पृथ्वी के प्राणों को कंपित करता है। इस पृथ्वी पर कुछ भी ऐसा घटित नहीं होता जो सूरज पर घटित हुए बिना घटित हो जाता हो।


जब सूर्य का ग्रहण होता है तो पक्षी जंगलों में गीत गाना चौबीस घण्टे पहले से ही बन्द कर देते हैं। पूरे ग्रहण के समय तो सारी पृथ्वी मौन हो जाती है, पक्षी गीत गाना बन्द कर देते हैं और सारे जंगलों के जानवर भयभीत हो जाते हैं, किसी बड़ी आशंका से पीड़ित हो जाते हैं।


बन्दर वृक्षों को छोड्कर नीचे आ जाते हैं। वे भीड़ लगाकर किसी सुरक्षा का उपाय करने लगते है। और एक आश्रर्य कि बन्दर जो निंरत्तर बातचीत और शोर—गुल में लगे रहते हैं, सूर्य ग्रहण के वक्त इतने मौन हो जाते हैं जितने कि साधु और संन्यासी भी ध्यान में नहीं होते हैं! चीजेवस्की ने ये सारी की सारी बातें स्थापित की हैं।


🔥आचार्य श्री रजनीश(ओशो)🔥


*ज्योतिष : अद्वैत का विज्ञान*

प्रवचन – १ sabhar Sonia singh Factbook wall

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मंगलवार, 2 मई 2023

विश्वरुप दर्शन योग

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 • आकाश मे हजार सूर्यो के एक साथ उदय होने से उत्पन्न जो प्रकाश हो , वह भी उस विश्वरुप परमात्मा के प्रकाश के सदृश कदाचित ही हो । ( 12 ) 

• पाण्डुपुत्र अर्जुन ने उस समय अनेक प्रकार से विभक्त अर्थात पृथक – पृथक सम्पूर्ण जगत के देवो के देव श्री कृष्ण भगवान के उस शरीर मै एक जगह स्थित देखा । ( 13 ) 

• उसके अनन्तर वे आश्चर्य से चकित और पुलकित शरीर अर्जुन प्रकाशमय विश्वरुप परमात्मा श्रद्धा भक्ति सहित सिर से प्रणाम करके हाथ जोड़कर बोले । ( 14 )

• अर्जुन बोले – हे देव ! मै आपके शरीर मे सम्पूर्ण देवो को तथा अनेक भूतो के समुदायो को , कमल के आसन पर विराजित ब्रह्मा को , महादेव को और सम्पूर्ण ऋषियो को तथा दिव्य सर्पो को देखता हू । ( 15 ) 

• हे सम्पूर्ण विश्व के स्वामिन ! आपको अनेक भूजा , पेट , मुह और नेत्रो से युक्त तथा सब ओर से अनन्त रुपो वाला देखता हू । हे विश्वरुप ! मै आपके न अन्त को देखता हू , न मध्य को और न आदि को ही । ( 16 )

• आपको मै मुकुटयुक्त , गदायुक्त और चक्रयुक्त तथा सब ओर से प्रकाशमान तेज के पुन्ज प्रज्वलित अग्नि और सूर्य के सदृश ज्योतियुक्त , कठिनता से देखे जाने योग्य और सब ओर से अप्रमेय स्वरुप देखता हू । ( 17 ) 

• आप ही जानने योग्य परम अक्षर अर्थात परब्रह्म परमात्मा है , आप ही इस जगत के परम आश्रय है , आप ही अनादि धर्म के रक्षक है और आप ही अविनाशी सनातन पुरुष है । ऐसा मेरा मत है । ( 18 ) 

• आपको आदि , अन्त और मध्यरहित अनन्त सामर्थ्य से युक्त्त , अनन्त भुजा वाले , चन्द्र – सूर्यरुप नेत्रो वाले , प्रज्वलित अग्निरुप मुखवाले और अपने तेज से इस जगत को संतप्त करते हुए देखता हू । ( 19 ) 

• हे माहत्मन ! यह स्वर्ग़ और पृथ्वी के बीच का सम्पूर्ण आकाश तथा सब दिशाए एक आपसे ही परिपूर्ण है तथा आपके इस अलौकिक और भंयकर रुप को देखकर तीनो लोक अति व्यथा को प्राप्त हो रहे है । ( 20 ) 

गीता दर्शन , अध्याय 11 ( विश्वरुप दर्शन योग )

Sabhar Soniya singh https://www.facebook.com/sonia.singh.5458?mibextid=ZbWKwL

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शनिवार, 22 अप्रैल 2023

ट्विटर ने ब्लू टिक हटाया, डॉर्सी ने लॉन्च किया ब्लूस्काई:ऐप में मिलेंगे ट्विटर जैसे फीचर्स, इसका इंटरफेस यूज करने में आसान

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ट्विटर के पूर्व चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) जैक डॉर्सी ने गुरुवार (20 अप्रैल) को एंड्रॉयड यूजर्स के लिए ब्लूस्काई (Bluesky) ऐप लॉन्च कर दिया। इसे सोशल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म ट्विटर के अल्टरनेटिव ऑप्शन के रूप में उतारा गया है। खास बात ये है कि आज ही ट्विटर ने लोगों के अकाउंट से लीगेसी ब्लू टिक हटा दिए हैं। अब यूजर्स को ब्लू टिक के लिए ट्विटर का सब्सक्रिप्शन प्लान लेना होगा। 256 शब्दों में कर सकते हैं पोस्ट फिलहाल, ब्लूस्काई ऐप डेवलपिंग फेज में है, इस ऐप को सिर्फ एक इनवाइट कोड (OTP) के साथ एक्सेस किया जा सकता है। ऐप एक आसान यूजर इंटरफेस देता है, जहां आप 256 वर्ड्स की एक पोस्ट बनाने के लिए प्लस बटन पर क्लिक कर सकते हैं, जिसमें फोटो भी शामिल हो सकती है। इसमें कुछ फीचर्स ट्विटर जैसे दिए गए हैं। यूजर्स को नया ऑप्शन देने की कोशिश करेंगे जैक डॉर्सी की वेबसाइट ने कहा कि ब्लूस्काई ऐप सोशल नेटवर्किंग के लिए एक नई नींव साबित होगा। ये ऐप आने वाले दिनों में यूजर्स को और ज्यादा ऑप्शन और क्रिएटर्स को प्लेटफॉर्म्स से और ज्यादा फ्रीडम देगा। हम यूजर को उनके अनुभव शेयर करने का एक नया ऑप्शन देने की कोशिश करेंगे। अभी ब्लूस्काई ऐप के 20 हजार एक्टिव यूजर हैं TechCrunch के अनुसार ब्लूस्काई ऐप में लाइक, बुकमार्क की निगरानी, ट्वीट को मॉडिफाई, रिट्वीट, इनडायरेक्ट मैसेज और हैशटैग जैसी बुनियादी सुविधाएं मौजूद नहीं हैं। यह ऐप को ट्विटर का एक अधिक स्टैंडर्ड संस्करण बना देगा, जैसा कि ट्विटर के शुरुआती दौर में दिखाई देता था। ब्लूस्काई ऐप की लॉन्चिंग के बाद मांग बढ़ रही है और अभी इसके 20 हजार एक्टिव यूजर हैं। साल 2019 से चल रहा था काम जैक डॉर्सी ने साल 2019 में ही ट्विटर के साथ काम करते हुए ब्लूस्काई को एक साइड प्रोजेक्ट के रूप में तैयार करना शुरू कर दिया था। जैक के ट्विटर छोड़ने के बाद ये प्रोजेक्ट भी अलग हो गया। पिछले साल अक्टूबर में डॉर्सी ने ट्विटर पर एक पोस्ट की थी। इसमें उन्होंने कहा था कि ब्लूस्काई प्रोजेक्ट का मकसद उन कंपनियों का प्रतियोगी बनना है जो सोशल मीडिया यूजर्स के ‘डेटा का मालिक’ बनने की कोशिश कर रही हैं। 107 करोड़ की फंडिंग मिली मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जैक डॉर्सी की नई कंपनी को अब तक 107 करोड़ रुपए से ज्यादा की फंडिंग मिल चुकी है। डॉर्सी को टेक की दुनिया में ‘कैप्टन जैक स्पैरो’ के नाम से भी जाना जाता है। मतलब उनका खेल कभी खत्म नहीं होता और वो वापसी करते हैं। sabhar Bhaskar.com

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मंगलवार, 27 सितंबर 2022

उपदेवता गन्धर्व

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-----------------:उपदेवता गन्धर्व:----------------- *********************************** यक्ष के बाद गन्धर्व का नाम आता है। इनके शरीर का रंग हल्का सिन्दूरी होता है। गन्धर्व भी यक्षों की राजसी प्रवृत्ति के होते हैं। इनका भी क्रीड़ा-क्षेत्र हिमालय है। इनका भी शरीर यक्षों की तरह सुगठित और लम्बा होता है। ऑंखें मोर जैसी होती हैं जो किसी को भी सम्मोहित कर सकने में समर्थ होती हैं। नाक तोते की तरह नुकीली और कान बड़े-बड़े होते हैं। भिन्न भिन्न प्रकार के रत्नजड़ित स्वर्णाभूषण इनको प्रिय हैं। आभूषणों से रूप-सौंदर्य और भी निखर उठता है इनका। सिर के बाल घने और काले होते हैं जो पीठ पर बिखरे रहते हैं। सिर पर रत्नजड़ित नीले रेशमी वस्त्र की गोल पगड़ी भी बांधते हैं जिसमें आगे की ओर बड़ा सा मोर पंख लगा रहता है। ये भगवान शिव के भक्त होते हैं। मस्तक पर त्रिपुण्ड धारण किये रहते हैं। गन्धर्व कन्यायें भी अति सुन्दर होती हैं।इनका व्यक्तित्व अत्यन्त मोहक और आकर्षक होता है। ये भी रत्नजड़ित आभूषण धारण करती हैं। नृत्य और गायन कला में निपुण होती हैं गन्धर्व कन्यायें। जहाँ भी नृत्य और गायन का आयोजन होता है, वहां ये उपस्थित हो जाती हैं। ये भी अकाशगामिनी होती हैं। कोई भी पार्थिव वस्तु इनके आवा गमन में बाधक नहीं बन सकती है। कभी कभी इच्छा होने पर मानव शरीर धारण कर प्रकट हो जाती हैं। शैव धर्मावलंबी होने के कारण यक्ष-यक्षिणियों की तरह गन्धर्व और गन्धर्व कन्यायें शिवरात्रि पर्व पर कशी विश्वनाथ (वाराणसी), त्रयम्बकेश्वर महादेव(नासिक)और महाकाल(उज्जैन) का दर्शन करने के लिए अवश्य आती हैं और वह भी मानव रूप में। यक्षों की तरह ये भी कलाप्रेमी, नृत्यप्रेमी और गायन कला में दक्ष होते हैं। मृदंग, पखावज, तम्बूरा और सारंगी उनके प्रिय वाद्य यंत्र हैं जिनसे निकलने वाली ध्वनि गन्धर्व लोक तक पहुँचती है जिसे सुनकर गन्धर्व गण प्रसन्न होते हैं। जिस कलाकार पर इनकी कृपा हो जाती है तो समझिये कि पुरे संसार में उसकी ख्याति फैलते देर नहीं लगती। संगीत के क्षेत्र में अबतक जितनी भी प्रगति हुई है, उसकी पृष्ठभूमि में अगोचर रूप से गन्धर्व और गन्धर्व कन्याओं की ही प्रेरणा और सहयोग समझना चाहिए। ------------:उपदेवता किन्नर:-------------- ********************************* यक्ष और गन्धर्वों के बाद किन्नर हैं। उनकी अपनी विशेषता है और वह यह कि स्त्रीलिंग और पुल्लिंग--दोनों हैं वे।स्त्रीत्व की मात्रा भी है और है पुरुषत्व की भी उनमें। किन्नर और किन्नरियों में केवल तत्व की मात्रा का भेद है। किन्नरों में पुरुष तत्व थोडा अधिक होता है। इसी प्रकार किन्नरियों में स्त्री तत्व की मात्रा कुछ अधिक होती है। यही कारण है कि प्रत्यक्ष रूप में किन्नर और किन्नरियों में समानता दिखाई पड़ती है। वेष-भूषा, व्यवहार आदि दोनों का प्रायः एक सा होता है। सुन्दर, सुगन्धित पुष्प, इत्र, स्वर्णाभूषण, मूल्यवान वस्त्र आदि इनकी प्रिय वस्तुएं हैं। गायन और नृत्य--दोनों कलाओं में निपुण होते हैं किन्नर। उनका कद मझोला, शरीर सुगठित और तांबीए रंग का होता है। उन्हें एक सीमा तक सुन्दर और आकर्षक कहा जा सकता है। वे पीले और नीले रंग के वस्त्र धारण करते हैं और रत्नजड़ित आभूषण भी। कभी कभी स्त्री- पुरुष के रूप में इस संसार में भी विचरण करते हैं। कभी- कभी मानव गर्भ से भी जन्म ले लेते हैं लेकिन मानव शरीर में भी वे अर्धनारीश्वर ही रहते हैं। उनमें स्त्रियोचित गुण विशेष होते हैं। फिर भी वे पुरुषों के संसर्ग में रहना अधिक पसंद करते हैं। आत्माकर्षिणी विद्या से किन्नर और किन्नरियां भी प्रभावित होकर गोचर-अगोचर रूप से साधक की सहायता करती हैं। जिस व्यक्ति को किन्नर या किन्नरी सिद्ध हो जाती है, वह नृत्य और गायन कला का मर्मज्ञ तो हो ही जाता है, साथ ही उसकी ख्याति देश-विदेश तक फैलते देर नहीं लगती। उसके पास धन-वैभव और सुख के सभी साधन भोगने के लिए सुलभ होते हैं। ------------उपदेवता विद्याधर और अप्सराएँ----------- ********************************** उपदेवताओं की अन्तिम श्रेणी में आते हैं विद्याधर और अप्सराएँ। रजोगुणी और तमोगुणी मिश्रित होती हैं इनकी वृत्तियाँ। पृथ्वी और वायु तत्व--दोनों होते हैं इनमें। इसलिए विद्याधर और अप्सराएँ आकाश में पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण के बाहर स्वेच्छानुसार विचरण करती हैं। विद्याधर अति सुन्दर और गौर वर्ण के होते हैं। इनका शरीर सुगठित और लम्बा होता है। ये शरीर पर अंगवस्त्र और रेशमी पगड़ी धारण करते हैं। इनकी ऑंखें काली और होंठ रक्ताभ होते हैं। विद्याधर वेद शास्त्र मर्मज्ञ और ज्ञानी होते हैं। यज्ञशाला, गोशाला और अश्वशाला के निर्माण में निपुण होते हैं। यज्ञशाला का निर्माण करना अत्यन्त जटिल कार्य है। थोड़ी सी भी गलती होने पर यज्ञ के हविष्य को देवतागण स्वीकार नहीं करते। यज्ञ व्यर्थ सिद्ध हो जाता है। यज्ञ के आचार्य को देवगण शाप दे देते हैं अपने यज्ञ हविष्य के अप्राप्त होने पर।।इसलिए प्राचीन काल में यज्ञशाला की निर्माण की दिशा में विद्याधरों का सहयोग लिया जाता था। धर्मराज युधिष्ठिर के यज्ञ की यज्ञशाला के निर्माण में विद्याधरों का पूर्ण योगदान था। तभी सफल हो सका था यज्ञ। वेद, शास्त्र, पुराण, उपनिषद आदि ग्रन्थों के रहस्यों और गुह्य भावों को जानने-समझने के लिए उच्चकोटि के विद्वान और मनीषी आत्माकर्षिणी विद्या का आश्रय लेकर सहयोग लेते थे विद्याधरों से। अबतक संस्कृत के जितने प्रसिद्ध विद्वान, कवि और साहित्यकार हो चुके हैं, वे सभी किसी न किसी रूप में विद्याधरों से सम्बंधित थे--इसमें सन्देह नहीं। त्र्यम्बकेश्वर के रहने वाले गजानन शास्त्री जो महाराष्ट्रियन ब्राह्मण थे, वेद, शास्त्र, पुराण आदि के आलावा तंत्रशास्त्र भी था उनके अध्ययन, चिन्तन और मनन का विषय। तंत्र से सम्बंधित कई महत्वपूर्ण पुस्तकें मराठी भाषा में उन्होंने लिखी थीं। कई पुराणों का अनुवाद भी किया था उन्होंने मराठी भाषा में। बड़े ही मनस्वी और विद्वान पुरुष थे गजानन शास्त्री-इसमें कोई सन्देह नहीं। तंत्र के साथ ज्योतिष का भी भरपूर ज्ञान था उनको। गजानन शास्त्री का गहरा सम्बन्ध किसी 'श्रीधर' नानक विद्याधर से था। वे जो कुछ भी विलक्षण करते थे, उसमें श्रीधर नामक विद्याधर का पूर्ण सहयोग रहता था। अत्यधिक सुन्दर और आकर्षक व्यक्तित्व होता है विद्याधरों का। सिर पर पीले रंग की रेशमी पगड़ी, शरीर पर पीले ही रंग का अंगवस्त्र, गले में मूल्यवान रत्नजड़ित स्वर्णमालायें, कानों में रत्नजड़ित स्वर्ण कुण्डल, मस्तक पर त्रिपुण्ड की रेखाएं, घनी भौंहें, बड़ी बड़ी, कजरारी ऑंखें, नुकीली नाक और रक्ताभ होंठ--ये उनका व्यक्तित्व होता है। कोष ग्रन्थों के अध्ययन से ज्ञात होता है कि चौबीस प्रकार के होते हैं विद्याधर और चौबीस प्रकार की ही होती हैं--विद्याधरी(अप्सराएँ)। क्रमशः-- sahar shiv ram tiwari facebook wall आगे है--अप्सराएँ

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