Sakshatkar.com : Sakshatkartv.com

.

Comments

You might like

Subscribe Us

शुक्रवार, 6 अगस्त 2021

जैव प्रौद्योगिकी विभाग

0

 


विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत जैव प्रौद्योगिकी विभाग (DBT) पिछले 30 वर्षों में आधुनिक जीव विज्ञान और जैव प्रौद्योगिकी में विकास के लिए एक नई गति प्रदान की है.. विभाग ने निरंतर इस क्षेत्र से उद्योग को और समृद्ध करने की दिशा में काम किया है। एक तरह से कहा जाए तो विभाग ने उद्योग के विकास को सुविधाजनक बनाने के लिए निरंतर सहायता प्रदान की है.. यही वजह है कि कृषि, स्वास्थ्य देखभाल, पशु विज्ञान, पर्यावरण और उद्योग के क्षेत्रों में जैव प्रौद्योगिकी के विकास और आवेदन में महत्वपूर्ण उपलब्धियां रही हैं।आज भारत दुनिया के शीर्ष 12 बायोटेक स्थलों में से एक है और एशिया प्रशांत क्षेत्र में तीसरे स्थान पर है। अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (यूएसएफडीए) अनुमोदित पौधों की दूसरी सबसे बड़ी संख्या भारत में है। यूएसए के बाद भारत का ही नंबर आता है। भारत रिकांबिनैट हेपेटाइटिस बी टीके का भी सबसे बड़ा उत्पादक है।

विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय (डीबीटी )की दृष्टि और रणनीति "जैव प्रौद्योगिकी अनुसंधान में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करना, भविष्य की प्रमुख सटीक उपकरण की बदौलत जैव प्रौद्योगिकी को नया आकार देना और गरीबों के कल्याण के लिए विशेष रूप से सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने या कहें गरीबों के कल्याण की दिशा में काम करना है"

अधिक जानकारी के लिए कृपया http://www.dbtindia.nic.in/ पर जाएं। ।

माईगोव पर डीबीटी , लोगों को विभाग के साथ जुड़ने और जैव प्रौद्योगिकी से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर योगदान करने के लिए भी अवसर दे रहा है ताकि इससे विभाग और सशक्त बन सके sabhar my gov.in

0 टिप्पणियाँ:

एक टिप्पणी भेजें

vigyan ke naye samachar ke liye dekhe

Ads

 
Design by Sakshatkar.com | Sakshatkartv.com Bollywoodkhabar.com - Adtimes.co.uk | Varta.tv